अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,19सितंबर2026
सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की समय पर मदद कर उसकी जान बचाने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए,केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा ‘राह-वीर योजना’ संचालित की जा रही हैं। यह योजना पूर्व में ‘गुड समेरिटन योजना’ के नाम से जानी जाती थी। योजना के तहत गंभीर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार को प्रति दुर्घटना 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता हैं।
🟠गोल्डन ऑवर में मदद बन सकती हैं,जीवनरक्षक
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी चंदन संजय त्रिपाठी ने, जिलेवासियों से राह-वीर बनकर दुर्घटना में घायलों की मदद करने की अपील की हैं। उन्होंने कहा,कि दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा ‘गोल्डन ऑवर’ होता हैं,जो घायल के जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता हैं।कलेक्टर ने कहा कि कई बार लोग पुलिस पूछताछ या कानूनी प्रक्रिया के डर से घायल की मदद करने से पीछे हट जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया,कि घायलों की सहायता करने वाले व्यक्ति को योजना के तहत कानूनी संरक्षण प्राप्त हैं। इसलिए नागरिकों को बिना किसी भय के जरूरतमंद की मदद के लिए आगे आना चाहिए।उन्होंने कहा,कि दुर्घटनास्थल पर केवल तमाशबीन बनने के बजाय संवेदनशील नागरिक की भूमिका निभाना मानवता की सच्ची मिसाल हैं। समय पर की गई छोटी-सी मदद किसी परिवार के सदस्य की जान बचा सकती हैं।
🟠राष्ट्रीय स्तर पर भी मिलेगा सम्मान
योजना के तहत देशभर के 10 सर्वश्रेष्ठ राह-वीरों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। चयनित राह-वीरों को 1 लाख रुपये, ट्रॉफी और प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। राष्ट्रीय सम्मान समारोह राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।मददगार को पुलिस पूछताछ, कानूनी झंझट और अनावश्यक परेशानी से सुरक्षा देने का भी प्रावधान हैं। एक व्यक्ति एक वर्ष में अधिकतम पांच बार पुरस्कार का लाभ ले सकता हैं।
🟠किन मामलों में मिलेगा पुरस्कार?
योजना के तहत घायल व्यक्ति को दुर्घटना के एक घंटे के भीतर नजदीकी अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाना आवश्यक हैं। योजना गंभीर सड़क दुर्घटनाओं में लागू होगी, जिसमें घायल को गंभीर चोट लगी हो, सर्जरी की आवश्यकता पड़ी हो या कम से कम तीन दिन अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा हो।मदद स्वेच्छा से और बिना किसी पुरस्कार की अपेक्षा के की गई होनी चाहिए। मददगार की पहचान आधार कार्ड या आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी।
🟠पुलिस और अस्पताल से शुरू होगी प्रक्रिया
पुलिस अथवा अस्पताल द्वारा राह-वीर का विवरण दर्ज किए जाने के बाद पुलिस की ओर से आधिकारिक स्वीकृति जारी की जाएगी। इसके बाद प्रस्ताव जिला स्तरीय मूल्यांकन समिति के पास भेजा जाएगा। समिति मासिक बैठक में प्रस्ताव की समीक्षा कर स्वीकृति देगी।स्वीकृत सूची राज्य परिवहन विभाग को भेजी जाएगी, जिसके बाद पीएफएमएस के माध्यम से पुरस्कार की राशि सीधे राह-वीर के बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी। एक ही दुर्घटना में एक से अधिक राह-वीर होने पर पुरस्कार राशि उनके बीच समान रूप से बांटी जाएगी।
🟠ये दस्तावेज होंगे जरूरी
योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड या आधार प्रमाणीकरण, बैंक पासबुक की प्रति, मोबाइल नंबर और पुलिस द्वारा जारी स्वीकृति पत्र सहित आवश्यक विवरण प्रस्तुत करना होगा। राह-वीर की व्यक्तिगत जानकारी का उपयोग पुरस्कार प्रक्रिया के लिए उनकी सहमति से ही किया जाएगा।योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए नागरिक नजदीकी पुलिस थाने या राज्य परिवहन विभाग से संपर्क कर सकते हैं। दुर्घटना की स्थिति में तत्काल सहायता के लिए 112 पर कॉल करने की अपील की गई हैं।












