दक्षिण छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में नया अध्याय, रावघाट तक पहुंची रेल पटरी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,26सितंबर2026

दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों को देश के व्यापक रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में बड़ी उपलब्धि सामने आई हैं। दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना के अंतिम 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट खंड का निर्माण कार्य पूरा हो गया हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे दक्षिण छत्तीसगढ़,विशेष रूप से बस्तर अंचल की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण पड़ाव बताया हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि रावघाट तक रेल पटरी पहुंचना केवल रेल कनेक्टिविटी का विस्तार नहीं,बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में विकास, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम हैं।

🟠प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का जताया आभार

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा,कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना के विस्तार को गति मिली हैं। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को, आधुनिक कनेक्टिविटी से जोड़ने का कार्य आगे बढ़ रहा हैं।

🟠95 किलोमीटर की परियोजना का अंतिम 17.5 किमी खंड तैयार

दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना की कुल लंबाई 95 किलोमीटर हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के अंतर्गत आने वाली इस परियोजना के अंतिम 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट खंड का काम पूरा कर लिया गया हैं।यह सिंगल लाइन विद्युतीकृत ब्रॉड गेज रेल खंड हैं। परिचालन से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा इस खंड का निरीक्षण और गति परीक्षण भी किया गया। इस दौरान रेल लाइन, पुल-पुलियों,विद्युतीकरण,सिग्नलिंग सहित सुरक्षा एवं तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच की गई।वर्तमान में दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक रेल सेवाएं उपलब्ध हैं। ताड़ोकी-रावघाट खंड में रेल परिचालन शुरू होने के बाद आसपास के क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

🟠शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक आसान होगी पहुंच

मुख्यमंत्री साय ने कहा,कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों के लिए आवागमन सुगम होगा। इससे रायपुर सहित देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच आसान होने के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अवसरों तक लोगों की पहुंच भी बेहतर होगी।रेल संपर्क बढ़ने से रोजगार और व्यापार के अवसरों का विस्तार होने की संभावना हैं। स्थानीय नागरिकों के लिए बाजारों तक पहुंच आसान होने से आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती हैं।

🟠पर्यटन और निवेश की संभावनाओं को मिलेगा बल

मुख्यमंत्री ने कहा,कि दक्षिण छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, पर्यटन, कृषि और वनोपज की दृष्टि से संभावनाओं वाला क्षेत्र हैं। बेहतर कनेक्टिविटी इन संभावनाओं को आर्थिक अवसरों में बदलने में मददगार साबित हो सकती हैं।रावघाट तक रेल संपर्क से पर्यटन, निवेश, स्थानीय व्यापार और अन्य आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद हैं। इसके साथ ही रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसरों के सृजन में भी रेल परियोजना की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती हैं।

🟠विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे दूरस्थ क्षेत्र

मुख्यमंत्री साय ने कहा,कि राज्य सरकार का संकल्प हैं,कि प्रदेश के दूरस्थ से दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। सड़क, रेल, हवाई और डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार हैं।उन्होंने कहा,कि दक्षिण छत्तीसगढ़ में आधारभूत अधोसंरचना के विस्तार से उन क्षेत्रों में भी विकास की सुविधाएं पहुंच रही हैं,जहां पहले आवागमन चुनौतीपूर्ण रहा हैं।

🟠आर्थिक और सामाजिक बदलाव की उम्मीद

मुख्यमंत्री ने कहा,कि रावघाट तक पहुंची रेल पटरी दक्षिण छत्तीसगढ़ में कनेक्टिविटी के विस्तार का महत्वपूर्ण संकेत हैं। रेल संपर्क मजबूत होने से लोगों के लिए विभिन्न अवसरों तक पहुंच आसान होगी और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिल सकती हैं।उन्होंने कहा,कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। आधुनिक और मजबूत रेल अधोसंरचना इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी पढ़ें