पर्यावरण और राष्ट्रप्रेम की मिसाल : 55% दिव्यांग साइक्लिस्ट वाशु राइडर का रामानुजगंज में भव्य स्वागत

अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,1अक्टूबर2026

पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जागरूकता का संदेश लेकर,देशभर की साइकिल यात्रा पर निकले उत्तर प्रदेश के आगरा निवासी युवा साइक्लिस्ट वाशु राइडर का रामानुजगंज पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। 55 प्रतिशत शारीरिक दिव्यांगता के बावजूद वाशु ने,जिस हौसले और आत्मविश्वास के साथ हजारों किलोमीटर की यात्रा पूरी की हैं,वह लोगों के लिए प्रेरणा का विषय बन गया है।9रामानुजगंज पहुंचने पर नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने उनका आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने वाशु को गमछा पहनाकर सम्मानित किया और ₹1100 की नगद राशि भेंट कर उनकी यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान स्थानीय नागरिकों और नाई समाज के पदाधिकारियों ने भी साइक्लिस्ट का उत्साह बढ़ाया।

🟠तिरंगे के साथ निकली पर्यावरण जागरूकता यात्रा

वाशु राइडर, आगरा के दुर्गा नगर, राजपुर चुंगी निवासी दिनेश कुमार के पुत्र हैं। उन्होंने 2 जून 2025 को अपनी साइकिल यात्रा शुरू की थी। साइकिल के पीछे तिरंगा झंडा लगाकर वे देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंच रहे हैं और लोगों को “Stop Pollution, Save Earth” का संदेश दे रहे हैं।उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण प्रदूषण को कम करने, प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने और युवाओं को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाने का हैं। वाशु अब तक राजस्थान, पंजाब, जम्मू, हरियाणा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत 8 राज्यों तथा पड़ोसी देश नेपाल में साइकिल चला चुके हैं। इस दौरान वे 16 हजार किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर चुके हैं। उनकी यात्रा वर्ष 2028 तक पूरी होने की संभावना है।

🟠55% दिव्यांगता को नहीं बनने दिया कमजोरी

वाशु की यात्रा की सबसे खास बात उनका जज्बा हैं। 55 प्रतिशत शारीरिक दिव्यांगता के बावजूद उन्होंने लंबी दूरी, की साइकिल यात्रा को चुनौती के रूप में स्वीकार किया। उनका मानना हैं,कि किसी व्यक्ति की शारीरिक स्थिति उसके सपनों और लक्ष्य के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए।रामानुजगंज में उनके पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने भी उनकी यात्रा के उद्देश्य को सराहा। लोगों के लिए यह केवल एक साइकिल यात्रा नहीं, बल्कि पर्यावरण और आत्मविश्वास का संदेश देने वाला अभियान हैं।

🟠रमन अग्रवाल ने बढ़ाया हौसला

नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने वाशु के प्रयास की सराहना करते हुए कहा,कि आज छोटी-छोटी दूरी के लिए भी लोग बाइक, कार और दूसरे वाहनों का इस्तेमाल करने लगे हैं। इससे ईंधन की खपत के साथ प्रदूषण और यातायात का दबाव भी बढ़ता हैं।उन्होंने कहा,कि पर्यावरण संरक्षण केवल भाषण या चर्चा तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर जिम्मेदारी निभानी होगी। छोटी दूरी के लिए साइकिल का उपयोग करना या पैदल चलना भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक कदम हो सकता हैं।अग्रवाल ने वाशु के उज्ज्वल और मंगलमय भविष्य की कामना करते हुए कहा, कि उनका प्रयास युवाओं को पर्यावरण और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने में मददगार हैं।इस दौरान ओम जी, अशोक जी सहित कई गणमान्य नागरिक और नाई समाज के पदाधिकारी मौजूद रहे।

🟠युवाओं को साइकिल और पैदल चलने का संदेश

अपनी यात्रा के अनुभव साझा करते हुए वाशु राइडर ने बताया,कि वे देश के युवाओं तक यह संदेश पहुंचाना चाहते हैं,कि छोटी दूरी तय करने के लिए हर बार ईंधन वाले वाहनों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं हैं। लोग अपनी सुविधा के अनुसार साइकिल चलाने या पैदल चलने की आदत अपनाएं।उनका कहना हैं,कि इससे प्रदूषण कम करने में मदद मिल सकती हैं,यातायात का दबाव घट सकता हैं,और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी यह फायदेमंद हैं। साथ ही सड़क पर वाहनों की संख्या कम होने से दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में भी मदद मिल सकती हैं।

🟠“इंसान शारीरिक रूप से नहीं, मानसिक रूप से दिव्यांग होता हैं”

वाशु राइडर ने अपनी दिव्यांगता को लेकर बेहद प्रेरणादायक संदेश दिया। उन्होंने कहा, “इंसान कभी भी शारीरिक रूप से दिव्यांग नहीं होता, वह मानसिक रूप से दिव्यांग होता हैं,और इसका सबसे बड़ा उदाहरण मैं आपके सामने खड़ा हूं, जो 55 प्रतिशत दिव्यांग हूं।”उनकी यह बात उनके पूरे अभियान के उद्देश्य को भी सामने रखती हैं। हजारों किलोमीटर की यात्रा के दौरान वे सिर्फ साइकिल नहीं चला रहे, बल्कि लोगों को यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं,कि मजबूत इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच के साथ मुश्किल लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।रामानुजगंज में मिले सम्मान और स्नेह के लिए वाशु ने, स्थानीय लोगों तथा नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल का आभार जताया। उनकी यात्रा आगे भी जारी रहेगी और वर्ष 2028 तक देश के अलग-अलग हिस्सों में पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता का संदेश पहुंचाने का उनका प्रयास जारी रहने की संभावना हैं।

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