मुख्यमंत्री साय का स्पष्ट निर्देश : वन्यप्राणी हमलों से प्रभावितों को शीघ्र न्याय और सहायता मिले

संदिली सिंह,रायपुर,6अगस्त 2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News

छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में,जंगली हाथियों और अन्य हिंसक वन्यप्राणियों के कारण लगातार हो रही जनहानि, पशुहानि और फसल क्षति के मामलों को लेकर,मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने गहरी चिंता व्यक्त की हैं।उन्होंने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए,कि ऐसे मामलों में पीड़ितों को संवेदनशील दृष्टिकोण से न्यायसंगत और त्वरित मुआवजा दिया जाए।मुख्यमंत्री ने कहा,कि वन्यप्राणियों के हमलों में जान-माल की क्षति सहने वाले परिवारों को राहत देना प्रशासन की नैतिक और मानवीय जिम्मेदारी हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया, कि प्रत्येक प्रकरण की गंभीरता को समझते हुए,मुआवजा वितरण में देरी न हो और फील्ड स्तर पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

🟠हाथी-मानव संघर्ष: बढ़ती चिंता का विषय:

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा,कि जंगली हाथियों द्वारा न केवल धान जैसी मुख्य फसल, बल्कि गन्ना, केला, पपीता, कटहल जैसी नगदी फसलों को भी,भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा हैं।इससे किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक तनाव भी झेलना पड़ता हैं।

उन्होंने वन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए, कि वन्यजीवों के मूवमेंट की निगरानी, सूचना तंत्र और त्वरित फील्ड रिस्पॉन्स को और अधिक मजबूत किया जाए।

🟠मुआवजा दरों में बढ़ोतरी और विभागीय समन्वय पर ज़ोर:

बैठक में वन मंत्री केदार कश्यप ने,विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए,कि जनहानि, अपंगता, पशुहानि, फसल एवं मकान क्षति के मामलों में दी जाने वाली सहायता राशि समय पर पीड़ितों तक पहुंचे, इसके लिए इंटर-डिपार्टमेंटल कोऑर्डिनेशन को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।और बैठक में मुआवजा दरों में वृद्धि का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया, जिस पर सकारात्मक निर्णय की संभावना जताई गई।

प्राकृतिक आपदा प्रबंधन पर भी हुई चर्चा:

बैठक में यह भी चर्चा की गई,कि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली फसल क्षति की भरपाई, राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) के प्रावधानों के अंतर्गत त्वरित रूप से की जाए। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए, कि राहत राशि वितरण की प्रक्रिया को और सरल बनाया जाए।

🟠वनाधिकार पट्टों की स्थिति का लिया गया अपडेट:

मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश में प्रदत्त व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टों की,अद्यतन स्थिति की जानकारी भी ली और निर्देशित किया,कि जिन पात्र हितग्राहियों को अब तक अधिकार पत्र नहीं मिले हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवंटन सुनिश्चित किया जाए।

🟠 बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी:

🔸️मुख्य सचिव : अमिताभ जैन

🔸️अपर मुख्य सचिव (वन) : ऋचा शर्मा

🔸️मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव : सुबोध कुमार सिंह

🔸️सचिव : राहुल भगत

🔸️कृषि सचिव : शहला निगार

🔸️राजस्व एवं आपदा प्रबंधन सचिव : अविनाश चंपावत

🔸️योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी सचिव : अंकित आनंद

🔸️सचिव (वन) : अमरनाथ प्रसाद

🔸️प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) : सुधीर अग्रवाल

🔸️अन्य वरिष्ठ अधिकारी

📢 जनअपील :

ग्रामीणों और किसानों से अनुरोध हैं, कि यदि आपके क्षेत्र में हाथी या अन्य वन्यप्राणियों की गतिविधि देखी जाए या फसल, पशु या जनहानि हो, तो तुरंत वन विभाग या प्रशासन को सूचित करें। मुआवजा पाने के लिए समय पर आवेदन करें और वन्यप्राणियों से सीधे टकराव से बचते हुए सतर्कता बरतें।

 

 

 

 

 

 

 

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