संदिली सिंह,रायपुर,13अगस्त2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल को रेलवे की सशक्त कनेक्टिविटी देने वाली,दल्लीराजहरा–रावघाट रेल परियोजना,अब अपने अंतिम पड़ाव पर हैं। 95 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का 97 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका हैं, और रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) के अनुसार, दिसंबर 2025 तक यह पूरी तरह तैयार होकर चालू हो जाएगी।
🟠 77.5 किमी लंबे तारोकी–रावघाट खंड का काम लगभग पूरा:
🔸️इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा, 77.5 किलोमीटर लंबा तारोकी–रावघाट खंड, तेजी से पूर्णता की ओर हैं।
🔸️यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य 100% समाप्त।
🔸️तीन में से दो बड़े पुल और 61 में से 55 छोटे पुल तैयार।
🔸️17.5 किमी भूमि अधिग्रहण कार्य पूरा।
🔸️21.94 लाख घन मीटर मिट्टी कार्य का अधिकांश हिस्सा संपन्न।
🔸️बैलेस्ट प्रोक्योरमेंट व भवन निर्माण कार्य अगस्त–सितंबर 2025 तक पूर्ण होने की संभावना।
🟠 परियोजना के इंजीनियरिंग और संरचना विवरण:
🔸️पूरे 95 किमी लंबे इस रेलमार्ग में —
🔸️16 प्रमुख पुल
🔸️19 रोड ओवर ब्रिज
🔸️45 रोड अंडर ब्रिज
🔸️176 छोटे पुल शामिल हैं।
🔸️सिर्फ 17.5 किमी लंबे तारोकी–रावघाट खंड में ही 3 प्रमुख पुल, 5 रोड ओवर ब्रिज, 7 रोड अंडर ब्रिज और 49 छोटे पुलों का निर्माण हो रहा हैं। कार्य के दौरान तकनीकी सटीकता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा हैं, ताकि परियोजना लंबे समय तक टिकाऊ और सुरक्षित रहे।
🟠परियोजना से बस्तर को मिलने वाले फायदे:
🔸️दल्लीराजहरा–रावघाट रेलमार्ग के शुरू होते ही बस्तर पहली बार राजधानी रायपुर से सीधे रेलमार्ग द्वारा जुड़ जाएगा।
🔸️यात्रियों को बेहतर, तेज़ और किफायती यात्रा सुविधा।
🔸️रावघाट लौह अयस्क खदानों से सीधे सेल/भिलाई इस्पात संयंत्र को कनेक्टिविटी।
🔸️दल्लीराजहरा खदानों में घटती अयस्क उपलब्धता की समस्या का समाधान।
🔸️खनिज परिवहन की लागत व समय में भारी कमी।
🔸️क्षेत्र में रोजगार, स्थानीय व्यापार और औद्योगिक निवेश में वृद्धि।
🔸️बुनियादी ढांचे का विस्तार और आर्थिक विकास की नई राह।
🟠 नक्सली चुनौती और सुरक्षा प्रबंधन:
यह परियोजना वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र से होकर गुजरती हैं, जहां निर्माण कार्य आसान नहीं रहा। अब तक नक्सलियों के 12 हमलों में 4 मजदूरों की मौत और 2 सुरक्षाकर्मियों की शहादत हो चुकी हैं। कई बार निर्माण उपकरणों और मशीनों में आगजनी की घटनाएं भी हुईं। हालांकि, SSB की सुरक्षा व्यवस्था मिलने के बाद कार्य में उल्लेखनीय तेजी आई और अब परियोजना अपने तय समय पर पूरी होने की ओर हैं।
🟠दिसंबर से दौड़ेंगी ट्रेनें:
RVNL के अनुसार, दिसंबर 2025 से तारोकी–रावघाट खंड पर ट्रेन संचालन शुरू हो जाएगा। इससे न सिर्फ खनिज परिवहन को गति मिलेगी, बल्कि बस्तर के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य में भी बड़ा बदलाव आएगा। रेल पटरी पर दौड़ती गाड़ियां न केवल माल और खनिज पहुंचाएंगी, बल्कि रोजगार, अवसर और विकास का संदेश भी लेकर आएंगी।












