संदिली सिंह,रायपुर,4सितंबर2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
पखांजूर। परलकोट क्षेत्र के 450 से अधिक गाँवों को राजधानी रायपुर से जोड़ने वाली,स्टेट हाइवे क्रमांक 25 को परलकोट की लाइफ लाइन कहा जाता हैं।148 करोड़ रुपए की लागत से इस सड़क का निर्माण कार्य वर्ष 2012 में शुरू हुआ और वर्ष 2018 में पूर्ण हुआ।लेकिन निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क की हालत बिगड़ने लगी और आज यह सड़क लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई हैं।
🟠मरम्मत के नाम पर 4 साल में 3 करोड़ खर्च, फिर भी सड़क बदहाल
सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं,और हालत यह हैं,कि पखांजूर से भानुप्रतापपुर तक के मात्र 70 किलोमीटर के सफर में ही लोगों को 3 घंटे का समय लग जाता हैं। मरीजों को इलाज के लिए रायपुर ले जाने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं। स्थानीय लोगों का कहना हैं,कि इस सड़क की मरम्मत के नाम पर पिछले 4 वर्षों में लगभग 3 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं, लेकिन सड़क आज भी उसी हाल में हैं।
🟠पेचवर्क पर खर्च का ब्योरा
🔸️2021 : 25 लाख रुपए
🔸️2022 : 50 लाख रुपए
🔸️2023 : 63 लाख रुपए
🔸️2024 : 150 लाख रुपए
इसके बावजूद सड़क पर हर 10 मीटर में गड्ढे ही गड्ढे नजर आते हैं।
ग्रामीण अमर मण्डल और हरपाल सिंह का कहना हैं,कि सड़क की खस्ताहाल स्थिति के कारण,आए दिन दुर्घटनाएँ हो रही हैं और कई लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी हैं।वहीं PWD उप संभाग पखांजूर के SDO विजय कुमार बांगड़ ने बताया,कि सड़क मरम्मत की प्रक्रिया लगातार चल रही हैं, लेकिन स्थायी समाधान के लिए उच्चस्तरीय निर्णय की आवश्यकता हैं।
🟠लोगों की बढ़ती नाराजगी
ग्रामीणों का कहना हैं,कि यह सड़क परलकोट की जीवन रेखा हैं,और इस पर यात्रा करना अब बेहद जोखिम भरा हो गया हैं। लोगों ने मांग की हैं,कि सड़क की पूरी तरह से मरम्मत कर इसे जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए।












