संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,17जनवरी2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत,देशभर में एक नई मिसाल कायम की हैं। रायपुर की पार्थिवी पैसिफिक रिहायशी सोसायटी में वर्चुअल नेट मीटरिंग (VNM) के सफल संचालन के साथ ही रायपुर यह प्रणाली लागू करने वाला देश का पहला शहर बन गया हैं। इस पहल से सोसायटी में रहने वाले 20 परिवारों को बिजली बिल में बड़ी राहत मिलने लगी हैं।
इस परियोजना के अंतर्गत पार्थिवी पैसिफिक सोसायटी में,60 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम स्थापित किया गया हैं। वर्चुअल नेट मीटरिंग के माध्यम से एक ही सोलर प्लांट से कई फ्लैटों को बिजली का लाभ मिल रहा हैं,जिससे उपभोक्ताओं के मासिक बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आई हैं।
यह व्यवस्था विशेष रूप से अपार्टमेंट और बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोगों के लिए लाभकारी साबित हो रही हैं, जहां छत पर अलग-अलग सोलर पैनल लगाने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं होती। वर्चुअल नेट मीटरिंग के जरिए साझा सोलर प्लांट से उत्पन्न बिजली सभी फ्लैटों को उनकी हिस्सेदारी के अनुसार बिजली बिल में क्रेडिट के रूप में मिलती हैं।
पार्थिवी पैसिफिक सोसायटी में यह सोलर प्रोजेक्ट कैपेक्स मॉडल पर लगाया गया हैं। इसमें 20 परिवारों ने अपनी-अपनी राशि निवेश कर सोलर प्लांट स्थापित किया है, जो पूरी तरह उनकी संपत्ति हैं। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 24 लाख रुपये रही। प्रत्येक परिवार ने करीब 1.20 लाख रुपये का निवेश किया, जिसमें केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये की सब्सिडी मिली। इसके अलावा छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 30 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दिए जाने से लोगों पर आर्थिक बोझ और कम हुआ हैं।
सोलर सिस्टम शुरू होने के बाद,इसका सीधा लाभ बिजली बिल में दिखाई देने लगा हैं। अनुमान हैं,कि इस व्यवस्था से सोसायटी के सभी फ्लैटों को सालाना लगभग 6 लाख 30 हजार रुपये की बचत होगी। यानी प्रत्येक परिवार को औसतन 31,500 रुपये प्रति वर्ष की बचत मिल रही हैं। वर्तमान में प्रत्येक परिवार को लगभग 300 यूनिट तक बिजली का क्रेडिट प्राप्त हो रहा हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल को छत्तीसगढ़ में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया हैं। उन्होंने कहा,कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ और हरित भारत के विजन के अनुरूप राज्य सरकार सौर ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा दे रही हैं और यह परियोजना अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायक हैं।
छत्तीसगढ़ शासन के ऊर्जा विभाग सचिव डॉ. रोहित यादव ने कहा,कि वर्चुअल नेट मीटरिंग शहरी उपभोक्ताओं के लिए गेम-चेंजर साबित होगी। इससे साझा रूप से सोलर ऊर्जा का लाभ मिलेगा,बिजली बिल घटेंगे और राज्य में स्वच्छ ऊर्जा को तेजी से अपनाने में मदद मिलेगी। इस मॉडल की सफलता को देखते हुए छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी इसे प्रदेश के अन्य शहरों में भी लागू करने की तैयारी कर रही हैं।












