रायपुर साहित्य उत्सव में ‘जशप्योर’ का जलवा, महुआ और मिलेट्स उत्पादों को मिली शानदार प्रतिक्रिया

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,25जनवरी2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News

रायपुर में आयोजित साहित्य उत्सव में छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति के साथ-साथ जशपुर जिले का गृह ब्रांड ‘जशप्योर’ (Jashpure) आगंतुकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा। मुख्यमंत्री के आदिवासी और महिला उत्थान के विजन से प्रेरित यह ब्रांड पारंपरिक स्वादों को आधुनिक बाजार से जोड़ते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहा हैं।

उत्सव परिसर में लगाए गए जशप्योर स्टॉल पर दिनभर लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। विशेष रूप से महुआ से बने लड्डू, कुकीज़ और कैंडी को लेकर आगंतुकों में खास उत्साह रहा। QR कोड के माध्यम से लोग इन उत्पादों के पोषण मूल्य और निर्माण प्रक्रिया की जानकारी भी प्राप्त करते नजर आए।रायपुर निवासी निधि साहू ने बताया,कि महुआ से बने इतने स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों को देखकर वे बेहद प्रभावित हुईं। उन्होंने इसे पारंपरिक ज्ञान का आधुनिक और सराहनीय उपयोग बताया।

जशप्योर से जुड़े युवा वैज्ञानिक समर्थ जैन ने बताया, कि महुआ को लेकर समाज में बनी पुरानी धारणाओं को तोड़ते हुए जशपुर की महिलाएं अब इसे फूड-ग्रेड सुपरफूड के रूप में स्थापित कर रही हैं। यह पहल आदिवासी महिलाओं के पारंपरिक ज्ञान को आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ रही हैं।

🟠90 से अधिक उत्पाद, मिलेट्स को भी मिल रही पहचान

जशप्योर ब्रांड के अंतर्गत वर्तमान में 90 से अधिक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। महुआ के साथ-साथ रागी, कोदो, कुटकी और बकव्हीट जैसे ग्लूटेन-फ्री मिलेट्स से बने बिस्किट और लड्डू भी लोगों को खासे पसंद आ रहे हैं।

🟠महिला सशक्तिकरण की मिसाल

जशप्योर केवल एक ब्रांड नहीं, बल्कि महिला आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की मजबूत कहानी हैं। स्थानीय संसाधनों के उपयोग से जशपुर की ग्रामीण महिलाएं आज स्थायी रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर प्राप्त कर रही हैं।रायपुर साहित्य उत्सव में जशप्योर की मौजूदगी छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, स्वदेशी उत्पादों और महिला सशक्तिकरण की बढ़ती पहचान को दर्शाती हैं।

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