संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,26जनवरी2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
लोकतंत्र की मजबूती, संविधान की सर्वोच्चता और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ 77वां गणतंत्र दिवस आज पूरे प्रदेश में हर्षोल्लास, देशभक्ति और गौरवपूर्ण वातावरण में मनाया गया। मुख्य समारोह बिलासपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित किया गया, जहां मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संयुक्त परेड की सलामी ली।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद सैनिकों एवं पुलिस जवानों के परिजनों को सम्मानित किया तथा छत्तीसगढ़ पुलिस बल को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर विशेष पदक प्रदान करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा,कि भारत का संविधान हमारी लोकतांत्रिक आस्था, समानता और सामाजिक न्याय का सशक्त आधार हैं। छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा, विकास और समृद्धि के लिए राज्य सरकार पूर्ण निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही हैं। उन्होंने अपने गणतंत्र दिवस संदेश में राज्य की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं, नक्सल उन्मूलन की दिशा में हुई प्रगति, किसानों, श्रमिकों एवं महिलाओं के सशक्तीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगिक विकास और सुशासन पर विस्तार से प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री ने कहा,कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले महापुरुषों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को स्मरण करने का अवसर भी हैं। उन्होंने संविधान निर्माताओं, विशेषकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि संविधान सामाजिक समरसता, समान अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रतीक हैं। बाबा गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को उन्होंने संविधान की आत्मा बताया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा,कि छत्तीसगढ़ ने हाल ही में राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाई हैं। भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी द्वारा गठित इस राज्य ने 25 वर्षों में विकास की सशक्त यात्रा तय की हैं। उन्होंने बताया,कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के करकमलों से हुआ, जो धान की बालियों की आकृति और बस्तर-सरगुजा की लोककला से सुसज्जित होकर छत्तीसगढ़ी अस्मिता का प्रतीक बन गया हैं।मुख्यमंत्री ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं जयंती, जनजातीय गौरव दिवस, भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती तथा शहीद वीर नारायण सिंह डिजिटल संग्रहालय का उल्लेख करते हुए कहा कि ये आयोजन देश और प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत को सहेजने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
उन्होंने माओवादी हिंसा पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ निर्णायक दौर में पहुंच चुका हैं। सतत अभियानों के परिणामस्वरूप मार्च 2026 तक प्रदेश को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य पूरा होने की दिशा में हैं।मुख्यमंत्री ने किसानों, महिलाओं, श्रमिकों, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, ऊर्जा, औद्योगिक निवेश, डिजिटल गवर्नेंस और पर्यटन से जुड़ी योजनाओं की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में जनभागीदारी सबसे अहम हैं।
समारोह में स्कूली बच्चों द्वारा देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, वहीं विभिन्न शासकीय विभागों की विकास आधारित झांकियों ने प्रदेश की विकास यात्रा को सजीव रूप में प्रदर्शित किया।अंत में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्व. लक्ष्मण मस्तूरिया जी की कविता के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए जनसहभागिता का आह्वान किया और प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।












