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कार्यशाला में 46 पक्षी प्रजातियों की हुई पहचान

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,3फरवरी 2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis Newsआर्द्रभूमियाँ जैव विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र हैं,और पृथ्वी के सबसे समृद्ध एवं विविध पारिस्थितिक तंत्रों में शामिल हैं। ये न केवल अनेक लुप्तप्राय,संकटग्रस्त एवं स्थानिक प्रजातियों का प्राकृतिक आवास हैं,बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाती हैं।विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026 के अवसर पर 2 फरवरी को बालसमुंद जलाशय,पलारी में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग,बलौदाबाजार द्वारा आर्द्रभूमि संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सिद्धेश्वर महादेव मंदिर परिसर, बालसमुंद जलाशय क्षेत्र में संपन्न हुआ।

🟠बारनवापारा अभ्यारण्य क्षेत्र में 46 पक्षी प्रजातियों की पहचान

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य लोगों को आर्द्रभूमियों के महत्व के प्रति जागरूक करना था, क्योंकि यह पारिस्थितिक तंत्र वनों की तुलना में लगभग तीन गुना तेजी से नष्ट हो रहा हैं।इस विशेष आयोजन में लगभग 60 प्रतिभागियों, 5 विशेषज्ञों तथा जिले के विभिन्न महाविद्यालयों से 49 विद्यार्थियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के दौरान पक्षी अवलोकन,आर्द्रभूमि अध्ययन एवं व्यावहारिक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। छात्र-छात्राओं द्वारा जलाशय से जल नमूने एकत्र किए गए। वहीं, बारनवापारा अभ्यारण्य के फॉरेस्ट गाइड्स के सहयोग से कुल 46 पक्षी प्रजातियों की पहचान की गई। प्रतिभागियों को तालाब में पाए जाने वाले जलीय जीव-जंतुओं, जल गुणवत्ता तथा आसपास के पारिस्थितिक तंत्र की विस्तृत जानकारी दी गई।

🟠स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं,बालसमुंद जलाशय

विशेषज्ञों ने अपने संबोधन में बताया कि आर्द्रभूमियाँ केवल पक्षियों एवं जलीय जीवों का आवास ही नहीं हैं, बल्कि ये भूजल पुनर्भरण, बाढ़ नियंत्रण, जल शुद्धिकरण, स्थानीय जलवायु संतुलन एवं आजिविका समर्थन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।बालसमुंद जलाशय जैसे जलस्रोत क्षेत्रीय स्तर पर स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।कार्यक्रम में वनमंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर के मार्गदर्शन में जिले की आर्द्रभूमियों को अधिसूचित करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी गई।

🟠जनप्रतिनिधियों एवं वन अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

इस अवसर पर उप-विभागीय अधिकारी (वन) श्री निश्‍चल चंद शुक्ला, वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री प्रखर नायक, एवं कार्यक्रम संयोजक सहायक प्राध्यापक प्रो. अजय मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे।कार्यक्रम में नगर पंचायत पलारी अध्यक्ष गोपी साहू, उपाध्यक्ष पिंटू वर्मा, हितेंद्र ठाकुर, शोधार्थी दीपक तिवारी, डिप्टी रेंजर धर्म सिंह बरिहा, बीट प्रभारी मनबोधन टंडन, आबिद अली खान, रामनारायण यादव सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

 

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