संदिली सिंह,सारंगढ़,छत्तीसगढ़,4जून2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
कभी कच्चे मकानों में बारिश, गर्मी और ठंड की मार झेलने वाले सपेरा समाज के परिवारों की जिंदगी अब बदलने लगी हैं। लगभग 35 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भीखमपुरा की सपेरा बस्ती में पक्के घरों का सपना हकीकत में बदल रहा हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे नए घर न सिर्फ ईंट और सीमेंट की इमारतें हैं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद भी हैं।सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड स्थित ग्राम भीखमपुरा पहुंचे। यहां उन्होंने सपेरा बस्ती में निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवासों का निरीक्षण किया और वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवनयापन कर रहे सवरा (सपेरा) जनजाति के परिवारों से आत्मीय मुलाकात की।
🟠35 साल बाद मिला अपने घर का सपना
मुख्यमंत्री के सामने ग्रामीणों ने बताया,कि वे पिछले करीब 35 वर्षों से कच्चे मकानों में रहकर जीवनयापन कर रहे थे। बरसात में टपकती छतें, गर्मी में असहनीय तापमान और सर्दी में कठिन परिस्थितियां उनकी जिंदगी का हिस्सा थीं।प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब उन्हें पक्के मकान मिल रहे हैं, जिससे उनके जीवन में नई उम्मीद जगी हैं। हितग्राहियों ने कहा कि पहली बार उन्हें अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल रहा हैं।मुख्यमंत्री ने कहा,कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि विकास की रोशनी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी पात्र परिवार आवास जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित न रहे।
🟠अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निर्माणाधीन आवासों का जायजा लेते हुए,अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत आवासों एवं विकास कार्यों को तय समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।उन्होंने स्पष्ट कहा,कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचना चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
🟠जनजातीय परिवारों से आत्मीय संवाद
मुख्यमंत्री ने सपेरा समाज के परिवारों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने जाति प्रमाण पत्र, मूलभूत सुविधाओं और अन्य आवश्यकताओं से जुड़े मुद्दे उनके सामने रखे।मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सभी लंबित मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
🟠दिव्यांग हितग्राही को दी बैसाखी, बच्चों को बांटी चॉकलेट
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री का संवेदनशील और मानवीय पक्ष भी देखने को मिला।उन्होंने दिव्यांग हितग्राही रमाबाई सिदार को बैसाखी प्रदान कर सहायता की तथा बच्चों को चॉकलेट वितरित कर उनसे आत्मीय बातचीत की। मुख्यमंत्री की सहजता और अपनत्व ने ग्रामीणों का दिल जीत लिया।
🟠सपेरा बस्ती में तेजी से बदल रही तस्वीर
भीखमपुरा की सपेरा बस्ती में वर्तमान में 68 परिवारों के लिए विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं।
इनमें शामिल हैं—
🔸️प्रधानमंत्री आवास योजना
🔸️मुख्यमंत्री आवास योजना
🔸️सीसी रोड निर्माण
🔸️ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
🔸️सार्वजनिक वितरण प्रणाली
🔸️प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना
🔸️जल जीवन मिशन
वर्ष 2024-25 में 25 आवास, वर्ष 2025-26 में 14 आवास तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 14 आवास स्वीकृत किए गए हैं। वहीं 10 अन्य पात्र परिवारों को आवास प्लस 2.0 सर्वे में शामिल किया गया है।
🟠 ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कदम का पौधा रोपित किया। वहीं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बरगद का पौधा लगाया।परिसर में कुल पांच पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश दिया गया।
🟠सुशासन तिहार में दिखी विकास और संवेदनशीलता की झलक
मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सरकार और जनता के बीच भरोसे, संवाद और संवेदनशील शासन का प्रतीक बनकर सामने आया।भीखमपुरा की सपेरा बस्ती में पक्के घरों के साथ अब नई उम्मीदें भी आकार ले रही हैं। वर्षों से संघर्ष कर रहे परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौट रही हैं, और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का सपना साकार होता दिखाई दे रहा हैं।












