संदिली सिंह,अंबिकापुर,छत्तीसगढ़,6जून2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
सरगुजा जिले के सीतापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम बटईकेला में एक दिव्यांग परिवार अपनी पुश्तैनी जमीन बचाने की लड़ाई लड़ रहा हैं। परिवार ने आरोप लगाया हैं,कि जिस भूमि पर वे पिछले करीब 70 वर्षों से खेती-किसानी कर अपना जीवनयापन कर रहे हैं, उसी जमीन पर उनकी अनुमति के बिना आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कराया जा रहा हैं। मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज परिवार ने अब महामहिम राष्ट्रपति के नाम स्मरण पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई हैं।
पीड़िता सीमा ने जिला प्रशासन के माध्यम से भेजे गए, स्मरण पत्र में बताया,कि ग्राम बटईकेला के खसरा नंबर 1784 की भूमि उनके परिवार के जीवनयापन का एकमात्र आधार हैं। परिवार का आरोप है कि न तो उनकी सहमति ली गई और न ही ग्रामसभा की विधिवत अनुमति, इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया हैं। इससे परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया हैं।
पीड़ित परिवार का कहना है कि वे लंबे समय से प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आर्थिक तंगी और न्याय की उम्मीद टूटने के बाद उन्होंने पहले इच्छा मृत्यु की अनुमति तक मांगी थी, लेकिन उस पर भी कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई।अब परिवार ने साफ चेतावनी दी हैं,कि यदि पांच दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अंबिकापुर के घड़ी चौक में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
मामले में समाजसेवी सुजान बिंद और अधिवक्ता ऋषिराज सिंह ने भी पीड़ित परिवार का समर्थन करते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्यायसंगत कार्रवाई की मांग की हैं। भूमि विवाद का यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया हैं,और सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।












