न्यूज डेस्क,कवर्धा,छत्तीसगढ़,10जून2026
कबीरधाम जिले के तरेगांव थाना क्षेत्र के लालमाटी गांव में कथित धर्मांतरण को लेकर विवाद गहरा गया हैं। ग्रामीणों और सनातन संगठनों ने आरोप लगाया हैं, कि चंगाई सभा के माध्यम से बैगा आदिवासी समुदाय के लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। मामले को लेकर गांव में तनाव की स्थिति बन गई और ग्रामीणों ने कथित तौर पर सभा का विरोध करते हुए संबंधित लोगों को पुलिस के हवाले कर दिया।जानकारी के अनुसार, बैगा आदिवासी समुदाय की एक वृद्ध महिला ने तरेगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई हैं। महिला का आरोप है कि उसके बेटे की तबीयत लंबे समय से खराब थी। इसी दौरान कुछ लोग उनके घर पहुंचे और ईसाई धर्म अपनाने पर बीमारी व अन्य समस्याओं के समाधान का दावा किया। महिला के अनुसार, इन बातों से प्रभावित होकर उनका परिवार ईसाई समुदाय से जुड़ गया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया हैं,कि जब बेटे की तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ और परिवार ने अपने पारंपरिक धर्म में वापस लौटने की इच्छा जताई, तब कुछ लोगों ने उन्हें ऐसा करने से रोकने का प्रयास किया। पीड़ित परिवार का दावा हैं,कि उन्हें डराया-धमकाया गया और जेल भेजने तक की चेतावनी दी गई।मामले की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों और क्षेत्र के हिंदू संगठनों के लोग लालमाटी गांव पहुंचे, जहां कथित चंगाई सभा चल रही थी। ग्रामीणों ने सभा में मौजूद लोगों का विरोध करते हुए उन्हें तरेगांव पुलिस के सुपुर्द कर दिया और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
हालांकि, शिकायत दर्ज होने के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना हैं, कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं,तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।वहीं, पुलिस का कहना हैं,कि शिकायत प्राप्त हुई हैं और पूरे मामले की जांच की जा रही हैं। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।












