अर्पित तिवारी,रामानुजगंज,छत्तीसगढ़,10जून 2026
धान बिक्री की बकाया राशि के भुगतान और कथित फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण प्रकरण को, लेकर क्षेत्र के किसानों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा हैं। किसानों ने मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए धान भुगतान की रोकी गई राशि जारी करने और उनके नाम पर दर्ज कथित फर्जी केसीसी ऋण को तत्काल समाप्त करने की मांग की हैं।कांग्रेस नेता नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में किसानों ने यह ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रामानुजगंज के माध्यम से शासन तक पहुंचाया। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
🟠धान की रकम अटकी, किसान परेशान
ज्ञापन में किसानों ने आरोप लगाया हैं,कि धान खरीदी वर्ष 2025-26 की उनकी राशि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर की रामानुजगंज और रामचंद्रपुर शाखाओं में जमा हैं, लेकिन बैंक प्रबंधन द्वारा किसानों के नाम पर कथित केसीसी ऋण बकाया बताकर खातों को होल्ड कर दिया गया हैं। इससे किसानों को उनकी मेहनत की कमाई नहीं मिल पा रही हैं।
🟠बिना जानकारी के स्वीकृत हुआ ऋण!
किसानों का आरोप हैं,कि संबंधित आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों ने उन्हें लिखित प्रमाण-पत्र जारी कर बताया हैं,कि समिति स्तर पर उन्हें किसी प्रकार का नगद या वस्तु ऋण नहीं दिया गया। इसके बावजूद उनके नाम पर केसीसी ऋण स्वीकृत कर राशि का आहरण कर लिया गया।किसानों ने इसे बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से किया गया गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला बताया हैं।
🟠जांच और कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में कहा गया हैं,कि केसीसी ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया के तहत पहले सहकारी समिति द्वारा पात्रता और भूमि रिकॉर्ड के आधार पर प्रस्ताव भेजा जाता हैं, जिसके बाद बैंक ऋण स्वीकृत करता हैं। ऐसे में किसानों की जानकारी और सहमति के बिना ऋण स्वीकृत होना कई सवाल खड़े करता हैं।किसानों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने और फर्जी ऋण प्रकरण समाप्त करने की मांग की हैं।
🟠16 जून तक का अल्टीमेटम
पीड़ित किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी हैं,कि यदि 16 जून 2026 तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र के किसान उग्र आंदोलन और अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।इस दौरान किसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव विकास दुबे भी मौजूद रहे और किसानों की मांगों का समर्थन किया।












