अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,1जुलाई 2026
खरीफ सीजन में संभावित कम वर्षा और अल-नीनो के प्रभाव को देखते हुए,बलरामपुर-रामानुजगंज जिला प्रशासन ने किसानों को समय रहते जागरूक करने के लिए विशेष कृषि अभियान की शुरुआत की हैं। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने बुधवार को संयुक्त जिला कार्यालय परिसर से कृषक सूचना रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही जिले में, कृषि आकस्मिक कार्ययोजना एवं विशेष जनजागरूकता अभियान का शुभारंभ हुआ।इस अभियान का उद्देश्य किसानों को बदलते मौसम के अनुरूप वैज्ञानिक खेती, जल संरक्षण, कम पानी में होने वाली फसलों तथा वैकल्पिक कृषि पद्धतियों की जानकारी देकर संभावित नुकसान से बचाना हैं।
🟠गांव-गांव पहुंचेगा सूचना रथ, किसानों से होगा सीधा संवाद
कृषि विभाग द्वारा संचालित यह सूचना रथ जिले की, चांदो, चलगली, रघुनाथनगर और राजपुर तहसीलों के गांवों, हाट-बाजारों और दूरस्थ क्षेत्रों का भ्रमण करेगा। अभियान के दौरान कृषि विभाग के अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ गांवों में कृषि चौपाल लगाकर किसानों से सीधा संवाद करेंगे और उन्हें मौसम आधारित खेती की जानकारी देंगे।
🟠कम पानी वाली खेती पर रहेगा विशेष फोकस
कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान केवल औपचारिकता न बने, बल्कि प्रत्येक गांव और अधिक से अधिक किसानों तक इसकी जानकारी पहुंचे। उन्होंने कहा,कि वर्तमान मौसम को देखते हुए,किसानों को वैज्ञानिक सलाह देना बेहद आवश्यक हैं,ताकि वे समय रहते सही फसल का चयन कर आर्थिक नुकसान से बच सकें।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों को ऐसी कृषि तकनीकों की जानकारी दी जाए, जिनसे कम वर्षा की स्थिति में भी अच्छी पैदावार सुनिश्चित की जा सके।
🟠मक्का, दलहन और कम अवधि वाली फसलों पर मिलेगा मार्गदर्शन
अभियान के दौरान कृषि वैज्ञानिक किसानों को मक्का, दलहन, तिलहन तथा अन्य कम पानी वाली खरीफ फसलों की खेती के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही नमी संरक्षण, जल प्रबंधन, फसल विविधीकरण, कम अवधि वाली किस्मों, कृषक समृद्धि योजना और आधुनिक कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी भी दी जाएगी।विशेषज्ञ किसानों को यह भी बताएंगे कि बदलते मौसम के अनुसार खेती की रणनीति कैसे बदली जाए, ताकि उत्पादन और आय दोनों प्रभावित न हों।
🟠मौके पर होगा समस्याओं का समाधान
कृषि चौपालों में किसान अपनी खेती से जुड़ी समस्याएं सीधे कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों के सामने रख सकेंगे। बीज चयन, उर्वरक प्रबंधन, सिंचाई, कीट एवं रोग नियंत्रण सहित कृषि से जुड़े हर विषय पर विशेषज्ञ मौके पर ही तकनीकी सलाह देंगे।
🟠जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने की पहल
जिला प्रशासन का मानना हैं,कि जलवायु परिवर्तन और अनिश्चित मानसून के दौर में किसानों को समय पर वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराना बेहद जरूरी हैं। यही कारण हैं,कि यह अभियान केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किसानों को व्यावहारिक समाधान और तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।इस पहल से जिले के हजारों किसानों को बदलते मौसम के अनुरूप खेती की नई तकनीकों को अपनाने में मदद मिलेगी और खरीफ सीजन में संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।












