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जीपीएम का ‘विष्णुभोग’ चावल बना महिलाओं की सफलता का नया ब्रांड, सिर्फ 30 मिनट में ₹45 हजार से अधिक की रिकॉर्ड बिक्री

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,8जुलाई2026

छत्तीसगढ़ में महिला स्व-सहायता समूहों की मेहनत अब नई सफलता की कहानी लिख रही हैं। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले की बिहान से जुड़ी महिलाओं द्वारा जैविक पद्धति से तैयार ‘अरपा-बिहान विष्णुभोग’ चावल को लोगों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा हैं। पेंड्रा में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान महज 30 मिनट में 45 हजार रुपये से अधिक के, विष्णुभोग चावल की रिकॉर्ड बिक्री हुई।यह उपलब्धि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, जैविक खेती और स्थानीय उत्पादों के प्रति बढ़ते विश्वास का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई हैं।

🟠जनप्रतिनिधियों ने भी खरीदा विष्णुभोग चावल

कार्यक्रम में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपची और कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने स्वयं विष्णुभोग चावल खरीदकर महिला स्व-सहायता समूहों का उत्साह बढ़ाया और स्थानीय उत्पादों को अपनाने का संदेश दिया।वहीं, स्थानीय निवासी पंकज तिवारी ने एक साथ 200 किलोग्राम विष्णुभोग चावल खरीदकर सबसे बड़े खरीदार बनने का गौरव हासिल किया।

🟠महिलाओं की मेहनत को मिला नया बाजार

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत गठित महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (FPO) जैविक विष्णुभोग धान का वैज्ञानिक प्रसंस्करण, आकर्षक पैकेजिंग और आधुनिक ब्रांडिंग के साथ विपणन कर रही हैं। इससे महिलाओं और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा हैं।

🟠250 एकड़ में होगा उत्पादन

कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन और जिला पंचायत CEO मुकेश रावटे के मार्गदर्शन में इस पहल को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अनुसार इस वर्ष जिले में 250 एकड़ से अधिक क्षेत्र में,विष्णुभोग धान की खेती का लक्ष्य रखा गया हैं,ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ अभियान से जोड़ा जा सके।

अब ‘अरपा-बिहान विष्णुभोग’ केवल एक चावल का ब्रांड नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की महिला शक्ति, जैविक खेती और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई पहचान बनता जा रहा हैं।

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