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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में ग्रामीणों को बड़ी राहत, जीपीएम जिले में 25 नए हैंडपंपों से मजबूत हुई पेयजल व्यवस्था

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,8जुलाई2026

छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य की दिशा में लगातार काम कर रही हैं। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मारवाही (जीपीएम) जिले में,वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) ने 25 नए हैंडपंपों का सफलतापूर्वक खनन किया हैं। इससे लंबे समय से पेयजल संकट झेल रहे कई गांवों के हजारों ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली हैं।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में,राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दे रही हैं। इसी नीति के तहत उन गांवों को प्राथमिकता दी गई, जहां पेयजल की सबसे अधिक आवश्यकता थी। नए हैंडपंप शुरू होने से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को अब दूर-दराज के जलस्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

🟠तीनों विकासखंडों में मिली सुविधा

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की कार्यपालन अभियंता प्रिया सोनी के अनुसार, गौरेला विकासखंड में 14, मरवाही में 7 और पेंड्रा विकासखंड में 4 नए हैंडपंप स्थापित किए गए हैं। सभी स्थानों का चयन वैज्ञानिक सर्वेक्षण और स्थानीय जरूरतों के आधार पर किया गया।इनका लाभ बस्ती, लमना, कोटमीखुर्द, सधवानी, उमरखोही, धनगंवा, अंजनी, पीपरखुटी, खोडरी, तेंदुमुड़ा, धनौली, देवरगांव, पड़वनिया, ठाडपथरा, कोडगार, बम्हनी, अमारू, भर्रीडांड, बंधौरी, कटरा, निमधा, मड़वाही, दानिकुंडी सहित कई गांवों और पेंड्रा नगर क्षेत्र के नागरिकों को मिल रहा हैं।

🟠ग्रामीणों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव

नई पेयजल सुविधा से ग्रामीणों का समय और श्रम दोनों बचेंगे। साथ ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से जलजनित बीमारियों की रोकथाम में भी मदद मिलेगी। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य सरकार का आभार जताया हैं।सरकार का कहना हैं,कि भविष्य में भी आवश्यकता के अनुसार सर्वेक्षण कर अन्य पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में इसी तरह की सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि प्रदेश का कोई भी गांव स्वच्छ पेयजल से वंचित न रहे।

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