अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,11जुलाई2026
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ एवं एमसीसीआर ट्रस्ट के संयुक्त सहयोग से शंकरगढ़ विकासखंड में बच्चों के लिए, विशेष गैर-संचारी रोग (NCD) स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 1 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 200 से अधिक बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के दौरान 7 बच्चे सिकल सेल रोग (पॉजिटिव) पाए गए, जिन्हें आगे की जांच, परामर्श और उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, शिविर का उद्देश्य बच्चों में सिकल सेल रोग, टाइप-1 डायबिटीज (बाल मधुमेह) सहित अन्य गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना था।
🟠समय पर पहचान से बच सकती हैं गंभीर जटिलताएं
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बच्चों और उनके अभिभावकों को सिकल सेल रोग, बाल मधुमेह एवं अन्य गैर-संचारी रोगों के लक्षणों, नियमित जांच, फॉलो-अप और समय पर उपचार के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया, कि शुरुआती अवस्था में बीमारी की पहचान होने पर बच्चों के स्वास्थ्य में बेहतर सुधार संभव हैं।
🟠इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अभिभावकों से अपील की,कि यदि बच्चों में बार-बार कमजोरी, अत्यधिक थकान, लगातार प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, अचानक वजन कम होना या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
🟠जरूरतमंद बच्चों को किया गया रेफर
शिविर के दौरान बच्चों की समग्र स्वास्थ्य जांच के साथ आवश्यक परामर्श भी दिया गया। जिन बच्चों को विशेष उपचार की आवश्यकता थी, उन्हें उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान और इलाज से गंभीर जटिलताओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।शिविर में बीएमओ, बीपीएम एवं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की टीम भी मौजूद रही।












