अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,17जुलाई 2026
बलरामपुर जिले के जारगिम सड़क हादसे के बाद तीन गंभीर घायलों को एक ही,108 एम्बुलेंस से मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर किए जाने को लेकर सामने आई खबरों पर स्वास्थ्य विभाग ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने कहा कि यह निर्णय किसी लापरवाही का नहीं, बल्कि गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए लिया गया आपातकालीन चिकित्सकीय फैसला था।
🟠हादसे में मची अफरा-तफरी, दो मजदूरों की मौके पर मौत
15 जुलाई की शाम करीब 6:30 बजे ग्राम जारगिम में मजदूरों से भरी एक पिकअप अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था,कि दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई,जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें चार की हालत बेहद नाजुक थी।सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस और स्वास्थ्य विभाग की टीम तुरंत सक्रिय हुई। गंभीर घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शंकरगढ़ लाया गया, जबकि अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए मनोहरपुर स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
🟠हर मिनट था कीमती, इसलिए नहीं किया एम्बुलेंस का इंतजार
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, शंकरगढ़ ब्लॉक की एकमात्र 108 एम्बुलेंस उस समय अन्य घायलों को लाने के लिए मनोहरपुर गई हुई थी। इसी बीच सीएचसी शंकरगढ़ में भर्ती तीन गंभीर मरीजों की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने तुरंत उन्हें, मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर करने का निर्णय लिया।अधिकारियों ने बताया कि यदि दूसरी एम्बुलेंस के आने का इंतजार किया जाता, तो मरीजों की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। ऐसे में डॉक्टरों ने चिकित्सकीय निगरानी, आवश्यक जीवनरक्षक व्यवस्था और परिजनों की सहमति के साथ तीनों मरीजों को एक ही एम्बुलेंस से सुरक्षित रेफर किया।
🟠प्राथमिकता सिर्फ एक मरीजों की जान बचाना
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने स्पष्ट किया कि आपातकालीन परिस्थितियों में लिया गया यह निर्णय पूरी तरह मरीजों के हित और जीवन रक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया था। सभी गंभीर घायलों को सुरक्षित रूप से मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी हैं।
🟠दो 108 एम्बुलेंस लगातार रहीं सक्रिय
स्वास्थ्य विभाग ने बताया,कि हादसे के दौरान कुल दो 108 एम्बुलेंस लगातार सेवाओं में लगी हुई थीं। एक एम्बुलेंस मनोहरपुर से घायलों को शंकरगढ़ ला रही थी, जबकि दूसरे ब्लॉक से उपलब्ध कराई गई एम्बुलेंस से गंभीर मरीजों को अंबिकापुर रेफर किया गया। उपलब्ध संसाधनों के बीच त्वरित निर्णय लेकर सभी घायलों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।












