न्यूज डेस्क,राउरकेला,उड़ीसा,17जुलाई 2026
सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिक्षाविद् सोनम वांगचुक के, समर्थन में शुक्रवार को राउरकेला के उदितनगर स्थित, अंबेडकर चौक पर अधिवक्ताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने वांगचुक के अनशन के प्रति एकजुटता जताते हुए,शिक्षा नीति में व्यापक सुधार, पारदर्शिता और छात्र हितों को प्राथमिकता देने की मांग उठाई। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर संवाद शुरू करने की अपील भी की।प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में वकील हाथों में तख्तियां लेकर अंबेडकर चौक पहुंचे और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की।
उनका कहना था,कि देश की शिक्षा नीति ऐसी होनी चाहिए, जिसमें गुणवत्ता, समान अवसर, पारदर्शिता और सभी वर्गों के विद्यार्थियों के लिए समान पहुंच सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा,कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला हैं,और इससे जुड़े निर्णय व्यापक जनहित को ध्यान में रखकर लिए जाने चाहिए।अधिवक्ताओं ने कहा,कि उनका समर्थन केवल सोनम वांगचुक तक सीमित नहीं हैं,बल्कि देशभर के विद्यार्थियों और युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए हैं। उनका मानना हैं,कि शिक्षा व्यवस्था में समय-समय पर समीक्षा और सुधार आवश्यक हैं,ताकि बदलती जरूरतों के अनुरूप छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की। उनका आरोप था कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था कई महत्वपूर्ण चुनौतियों का प्रभावी समाधान नहीं कर पा रही हैं,और सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। साथ ही उन्होंने शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार और संबंधित पक्षों के बीच सार्थक संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।अंबेडकर चौक पर आयोजित यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। प्रदर्शन के अंत में अधिवक्ताओं ने कहा,कि शिक्षा नीति का केंद्र विद्यार्थियों का भविष्य होना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सभी पक्षों के सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए ऐसी नीतियां बनाई जाएं, जो देश के युवाओं को बेहतर अवसर और मजबूत भविष्य प्रदान कर सकें।












