अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,2अगस्त2026
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में जनपद पंचायत कुसमी के,प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के संबंध में सोशल मीडिया और विभिन्न समाचार माध्यमों में प्रकाशित खबरों पर प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की हैं। सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग ने कहा हैं,कि मुन्नालाल ध्रुवे को यह दायित्व संलग्नीकरण (Attachment) के आधार पर नहीं, बल्कि प्रतिनियुक्ति (Deputation) व्यवस्था के तहत दिया गया हैं।
🟠विभाग ने बताया पूरा तथ्य
विभाग के अनुसार राज्य शासन के आदेशानुसार आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के, अंतर्गत संचालित आश्रम-शालाओं में कार्यरत अधीक्षक सह प्रधान पाठक पद का नामकरण अब केवल प्रधान पाठक किया गया हैं,और इन पदों को स्कूल शिक्षा विभाग को हस्तांतरित किया जा रहा हैं।हालांकि, जिन संस्थानों में अधीक्षक का पृथक पद स्वीकृत हैं,और जहां भर्ती प्रक्रिया अभी जारी हैं,वहां नियमित नियुक्ति होने तक वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों को अधीक्षक पद का प्रतिनियुक्ति अथवा प्रभार जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
🟠पहले क्षेत्र संयोजक, फिर मिला जनपद सीईओ का अतिरिक्त प्रभार
विभाग ने बताया,कि मुन्नालाल ध्रुवे पहले अधीक्षक के पद पर कार्यरत थे। बाद में 24 फरवरी 2025 को आयुक्त, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग, इन्द्रावती भवन, नवा रायपुर द्वारा उन्हें प्रभारी क्षेत्र संयोजक के रूप में बलरामपुर पदस्थ किया गया।इसके बाद प्रशासनिक व्यवस्था के तहत उन्हें प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत कुसमी का अतिरिक्त दायित्व आगामी आदेश तक सौंपा गया।
🟠संलग्नीकरण समाप्ति से नहीं जुड़ा मामला
सहायक आयुक्त ने स्पष्ट किया कि मुन्नालाल ध्रुवे शिक्षा विभाग में संलग्न कर्मचारी नहीं हैं। वे संलग्नीकरण समाप्त होने से पहले ही प्रतिनियुक्ति पर आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग में कार्यरत हैं,और उनका वेतन-भत्ता भी उसी विभाग द्वारा दिया जा रहा हैं।विभाग ने स्पष्ट किया,कि सोशल मीडिया एवं कुछ समाचार माध्यमों में प्रकाशित “संलग्नीकरण समाप्ति के बीच प्रधान पाठक को जनपद सीईओ का प्रभार” जैसी खबरें तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं।












