अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,9अगस्त2026
बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने, उनकी समझ एवं अभिव्यक्ति क्षमता को बेहतर बनाने और विद्यालयों में सीखने का सकारात्मक वातावरण तैयार करने के, उद्देश्य से मिशन आचार्य के तहत विशेष पहल की गई हैं। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी एवं जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में, विकासखंड शंकरगढ़ के सभी विद्यालयों में शनिवार को ‘बैगलेस डे पढ़े बलरामपुर’ के तहत 20 मिनट की विशेष पुस्तक वाचन गतिविधि आयोजित की गई।
इस पहल का उद्देश्य बच्चों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय उन्हें पढ़ने, समझने, सोचने और अपने विचार व्यक्त करने के लिए प्रेरित करना हैं। इसके लिए विद्यालयों के पुस्तकालयों को अधिक उपयोगी और आकर्षक बनाने के साथ विद्यार्थियों को नियमित पुस्तक वाचन से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा हैं।
🟠कहानी, कविता और ज्ञानवर्धक पुस्तकों से बढ़ा जुड़ाव
विद्यालयों के पुस्तकालयों में विद्यार्थियों की आयु एवं रुचि के अनुरूप कहानियां, कविताएं, जीवनियां तथा ज्ञानवर्धक और रोचक पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। शनिवार को विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से 20 मिनट तक पुस्तकों का वाचन किया। वाचन के बाद बच्चों को पढ़ी गई कहानी या पुस्तक की विषयवस्तु समझने और अपने विचार साथियों के सामने साझा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।
नियमित 20 मिनट का पुस्तक वाचन बच्चों की सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने के साथ उनके भाषा कौशल, शब्द भंडार, एकाग्रता, कल्पनाशक्ति और आत्मविश्वास को विकसित करने में सहायक होगा। इससे विद्यार्थियों में किताबों के प्रति रुचि बढ़ने के साथ उनकी रचनात्मक सोच को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
🟠नियमित पढ़ने की आदत विकसित करने की पहल
मिशन आचार्य के तहत पुस्तक वाचन को केवल एक दिन की गतिविधि तक सीमित न रखते हुए,बच्चों की नियमित सीखने की आदत बनाने का प्रयास किया जा रहा हैं। इस पहल के माध्यम से विद्यालयों में ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार करने पर जोर दिया जा रहा हैं,जहां बच्चे पढ़ने के साथ-साथ विषय को समझें, उस पर सोचें और अपने विचारों को प्रभावी ढंग से व्यक्त कर सकें।‘बैगलेस डे पढ़े बलरामपुर’ के तहत शुरू की गई यह पहल बच्चों को किताबों से जोड़ने और सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही हैं।










