अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,9अगस्त2026
शहर में नागरिकों को बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं देने के नगर पालिका परिषद के दावों के बीच,जिला अस्पताल के बाहर की तस्वीर जिम्मेदार व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। जिला अस्पताल की ओर जाने वाले हॉस्पिटल रोड की स्ट्रीट लाइटें पिछले कई दिनों से बंद पड़ी हैं,जिसके चलते रात होते ही पूरा मार्ग अंधेरे में डूब जाता हैं।
जिला अस्पताल जिले का प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान हैं, जहां दिन-रात मरीजों और उनके परिजनों का आना-जाना लगा रहता हैं। ऐसे महत्वपूर्ण मार्ग पर पर्याप्त रोशनी नहीं होना राहगीरों और मरीजों के परिजनों की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय हैं। इसके बावजूद बंद स्ट्रीट लाइटों को अब तक दुरुस्त नहीं किया गया हैं।
🟠बरसात में बढ़ा खतरा
बरसात के मौसम में अंधेरे की समस्या और भी गंभीर हो जाती हैं। सड़क किनारे मौजूद झाड़ियां और नालियां राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। अंधेरे में जहरीले जीव-जंतुओं के निकलने का खतरा भी बना रहता हैं। ऐसे में रात के समय अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही हैं।
🟠असामाजिक तत्वों का भी बना रहता हैं,खतरा
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण,असामाजिक तत्वों की गतिविधियों का खतरा भी बढ़ सकता हैं। सुनसान और अंधेरे स्थानों पर आपराधिक या असामाजिक गतिविधियों की आशंका बनी रहती हैं। जिला अस्पताल जैसे संवेदनशील क्षेत्र के आसपास इस तरह की स्थिति आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती हैं।
🟠जिम्मेदारों की नजर कब पड़ेगी?
सबसे बड़ा सवाल नगर पालिका परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहा हैं। जिला अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण संस्थान तक पहुंचने वाले मार्ग की स्ट्रीट लाइटें आखिर इतने दिनों से बंद क्यों हैं? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं हैं,या शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा हैं?विडंबना यह हैं,कि जिले के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक इसी मार्ग से गुजरते हैं।
इसके बावजूद सड़क पर पसरा अंधेरा व्यवस्था की निगरानी और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर रहा हैं।स्थानीय लोगों ने नगर पालिका परिषद से मांग की हैं, कि मामले को गंभीरता से लेते हुए बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तत्काल दुरुस्त कराया जाए और पूरे हॉस्पिटल रोड पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी अप्रिय घटना से पहले समस्या का समाधान हो सके।फिलहाल सवाल यही हैं,कि क्या नगर पालिका किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही हैं, या फिर जिम्मेदार अधिकारी समय रहते इस समस्या का समाधान करेंगे?










