न्यूज डेस्क,सरगुजा,छत्तीसगढ़,18अगस्त2026
थाना दरिमा क्षेत्र के ग्राम कुम्हरता में वर्ष 2025 में हुए, बहुचर्चित पति-पत्नी हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया हैं। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, अंबिकापुर की अदालत ने मामले के दोनों आरोपियों करीमन मझवार (42) और जय श्याम (28) को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई हैं। यह फैसला 14 अगस्त 2026 को सुनाया गया।
🟠अक्टूबर 2025 में हुई थी वारदात
मामला थाना दरिमा के अपराध क्रमांक 159/2025 से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, 22-23 अक्टूबर 2025 की दरमियानी रात ग्राम कुम्हरता में पति-पत्नी की हत्या कर दी गई थी। 23 अक्टूबर की सुबह पुलिस को घर में दोनों के शव पड़े होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस को शव घर की परछी में मिले। जांच में घर से बकरियां गायब होने की जानकारी भी सामने आई।मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के निर्देशन में पुलिस टीम ने जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश तेज की।
🟠हथियार और कपड़ों समेत जुटाए गए महत्वपूर्ण साक्ष्य
विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी करीमन मझवार और जय श्याम को गिरफ्तार कर पूछताछ की। आरोपियों के मेमोरेण्डम कथनों के आधार पर घटना में इस्तेमाल टांगी (कुल्हाड़ी) बरामद की गई। घटना के समय आरोपियों द्वारा पहने गए कपड़े भी जब्त किए गए, जिन पर खून जैसे धब्बे पाए गए थे।पुलिस ने घटनास्थल से खून लगी मिट्टी, सामान्य मिट्टी, मृतकों के कपड़े और पोस्टमार्टम के दौरान संरक्षित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जब्त किए। सभी साक्ष्यों को वैज्ञानिक परीक्षण के लिए एफएसएल भेजा गया। हथियार और कपड़ों का क्यूरी परीक्षण भी कराया गया।
🟠16 गवाह और 46 साक्ष्यों ने मजबूत किया अभियोजन पक्ष
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने 14 दिसंबर 2025 को न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 16 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान और 46 आर्टिकल साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए।पुलिस द्वारा जुटाए गए भौतिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी माना और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
🟠मृतकों के परिजनों को क्षतिपूर्ति की अनुशंसा
न्यायालय ने मृतकों के उत्तराधिकारियों को क्षतिपूर्ति प्रदान किए जाने के संबंध में भी विचार किया। निर्णय में मृतकों की क्षति को अपूरणीय बताते हुए उनके उत्तराधिकारियों को समुचित प्रतिकार प्रदान किए जाने की अनुशंसा की गई हैं।
🟠विवेचक और पुलिस टीम को मिलेगा पारितोषिक
दोहरे हत्याकांड की विवेचना थाना प्रभारी दरिमा निरीक्षक राजेश खलखो द्वारा की गई। मामले में उत्कृष्ट विवेचना और साक्ष्यों के प्रभावी संकलन के लिए पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा ने विवेचक एवं विवेचना में सहयोग करने वाले दरिमा थाना स्टाफ को उचित पारितोषिक देने की घोषणा की हैं।डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल ने न्यायालय के फैसले को महत्वपूर्ण बताते हुए,विवेचक राजेश खलखो की उच्च व्यावसायिक दक्षता और उत्कृष्ट विवेचना की सराहना की। पुलिस के अनुसार, वैज्ञानिक तरीके से जुटाए गए साक्ष्यों और मजबूत अभियोजन पैरवी के चलते दोनों आरोपियों को न्यायालय से सजा दिलाने में सफलता मिली।












