अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,18अगस्त2026
रक्षा बंधन पर्व को देखते हुए,बलरामपुर जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट पर रोक लगाने के लिए ‘बने खाबो, बने रहिबो 2.0’ खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन अभियान शुरू किया गया हैं। यह विशेष अभियान 17 से 23 अगस्त 2026 तक सात दिनों तक चलेगा।नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ के निर्देश और कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य जिलेवासियों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और मानक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना हैं।
🟠मिठाई और डेयरी दुकानों की हो रही जांच
अभियान के तहत जिले में संचालित मिठाई दुकानों, डेयरी और किराना प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया जा रहा हैं। खाद्य पदार्थों में मिलावट, मिथ्याछाप, भ्रामक जानकारी और असुरक्षित खाद्य सामग्री की बिक्री पर विशेष निगरानी रखी जा रही हैं।इसके अलावा प्रतिबंधित एनालॉग डेयरी उत्पादों के निर्माण, वितरण और विक्रय पर भी कार्रवाई की जा रही हैं।
🟠संदेह होने पर लिए जा रहे खाद्य पदार्थों के सैंपल
जांच के दौरान किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा उसके नमूने लिए जा रहे हैं। इन नमूनों को परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा हैं।प्रयोगशाला की रिपोर्ट में खाद्य पदार्थ अमानक पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
🟠त्योहार में सुरक्षित खाद्य सामग्री पर जोर
रक्षा बंधन के दौरान मिठाइयों और डेयरी उत्पादों की मांग बढ़ जाती हैं। ऐसे में प्रशासन का यह अभियान मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के साथ आम नागरिकों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा हैं।












