डेनियल सेप्टी,पखांजूर,छत्तीसगढ़,2सितंबर2026
कांकेर जिले के पखांजूर इलाके के पीव्ही नंबर-22 में, बाघ की मौजूदगी की खबर से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। बाघ को देखने के बाद रंजन हालदार ने घबराकर अपने परिवार के साथ घर का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। बाघ के आसपास होने की आशंका के चलते, परिवार काफी देर तक घर के भीतर ही डरा-सहमा बैठा रहा।घटना की जानकारी फैलते ही गांव में भी दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों के मुताबिक, वन विभाग को सूचना देने के बावजूद टीम के मौके पर नहीं पहुंचने पर उन्होंने खुद ही परिवार को सुरक्षित निकालने की जिम्मेदारी संभाली।
🟠बाघ दिखा तो घर में कैद हुआ पूरा परिवार
बताया जा रहा है कि रंजन हालदार ने बाघ को देखने के बाद,किसी तरह का जोखिम नहीं लिया और परिवार के साथ घर के अंदर चले गए। इसके बाद दरवाजा बंद कर सभी लोग सुरक्षित रहने का इंतजार करने लगे।परिवार के घर के आसपास बाघ की मौजूदगी की आशंका ने ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ा दी। सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुटने लगे।
🟠वन विभाग को सूचना, लेकिन टीम नहीं पहुंचने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप हैं,कि घटना की जानकारी वन विभाग को दी गई थी, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी जिम्मेदार कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे।इसके बाद ग्रामीणों ने इंतजार करने के बजाय खुद ही मोर्चा संभाल लिया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मशाल, लाठी-डंडे और ढोल-नगाड़े लेकर रंजन हालदार के घर की ओर पहुंचे।
🟠मशाल की रोशनी और ढोल-नगाड़ों के बीच परिवार का रेस्क्यू
ग्रामीणों ने एकजुट होकर घर के आसपास सुरक्षा का माहौल बनाया और परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद सभी सदस्यों को गांव के सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया।इस दौरान ग्रामीणों के हाथों में जलती मशालें थीं और ढोल-नगाड़ों की आवाज से आसपास का क्षेत्र गूंजता रहा। ग्रामीणों की तत्परता से परिवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।फिलहाल रंजन हालदार और उनके परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
🟠PV-22 में बाघ की मौजूदगी से ग्रामीणों में डर
घटना के बाद पीव्ही-22 और आसपास के इलाके में बाघ को लेकर डर का माहौल बना हुआ हैं। ग्रामीणों को आशंका हैं,कि बाघ दोबारा आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच सकता हैं।ग्रामीणों की मांग हैं,कि वन विभाग की टीम इलाके में तत्काल निगरानी बढ़ाए और बाघ की गतिविधियों का पता लगाकर ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
🟠सबसे बड़ा सवाल- सूचना के बाद मौके पर क्यों नहीं पहुंचा वन विभाग?
इस पूरे घटनाक्रम में अब सबसे बड़ा सवाल वन विभाग की सक्रियता को लेकर उठ रहा हैं। ग्रामीणों का दावा हैं,कि बाघ की सूचना विभाग को पहले ही दे दी गई थी, इसके बावजूद टीम के समय पर मौके पर नहीं पहुंचने के कारण,ग्रामीणों को खुद ही परिवार को सुरक्षित निकालना पड़ा।हालांकि, वन विभाग की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया या कार्रवाई की जानकारी सामने आना अभी बाकी हैं। वहीं बाघ की मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि और उसकी वास्तविक स्थिति को लेकर भी वन विभाग की रिपोर्ट का इंतजार हैं।फिलहाल ग्रामीणों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बनी हुई हैं। अब देखना होगा कि वन विभाग की टीम इलाके में क्या कदम उठाती हैं,और बाघ की निगरानी या रेस्क्यू के लिए किस तरह की व्यवस्था की जाती हैं।












