भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की देता हैं,प्रेरणा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,5सितंबर2026

मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों और श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा,कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन मानव समाज को धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता हैं।उन्होंने कहा,कि श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कर्मयोग का जो संदेश दिया, वह आज भी जीवन की चुनौतियों के बीच व्यक्ति को अपने कर्तव्य पथ पर दृढ़ता से आगे बढ़ने की दिशा दिखाता हैं।मुख्यमंत्री ने कहा,कि जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का उत्सव नहीं हैं,बल्कि उनके जीवन-दर्शन और आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का अवसर भी हैं।

🟠भक्तों के साथ CM ने किया महामंत्र का घोष

मंदिर परिसर में जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों से भक्तिमय माहौल बना रहा। मुख्यमंत्री साय ने भी श्रद्धालुओं के साथ हरे कृष्ण महामंत्र का घोष किया।बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के उत्साह और भक्तिभाव से पूरा मंदिर परिसर कृष्णमय नजर आया।🟠छत्तीसगढ़ की धार्मिक विरासत को संवारने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा,कि छत्तीसगढ़ की धरती प्राचीन काल से ही धर्म, अध्यात्म और संस्कृति की पुण्यभूमि रही हैं। यह माता कौशल्या का मायका और प्रभु श्रीराम का ननिहाल हैं।उन्होंने कहा,कि प्रदेश के गांवों, नगरों, मंदिरों, तीर्थस्थलों और लोक परंपराओं में समृद्ध सांस्कृतिक विरासत आज भी जीवंत हैं। इस विरासत का संरक्षण, संवर्धन और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता हैं।मुख्यमंत्री ने भोरमदेव, गंधेश्वर महादेव, मधेश्वर महादेव, कुलेश्वर महादेव, मां बमलेश्वरी, रतनपुर की मां महामाया, मां दंतेश्वरी और मां चंद्रहासिनी जैसे प्रमुख धार्मिक एवं आस्था केंद्रों का उल्लेख किया।

🟠भोरमदेव मंदिर क्षेत्र में 150 करोड़ से विकास

मुख्यमंत्री साय ने बताया,कि ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले भोरमदेव मंदिर क्षेत्र को प्रसाद योजना के तहत,लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा हैं।उन्होंने कहा,कि धार्मिक स्थलों का विकास केवल श्रद्धालुओं की सुविधाओं तक सीमित नहीं हैं,बल्कि इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी पैदा होंगे।🟠50 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन

मुख्यमंत्री ने कहा,कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर में रामलला के विराजमान होने के बाद,प्रदेशवासियों में अपने आराध्य के दर्शन को लेकर उत्साह बढ़ा हैं।राज्य सरकार की श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम की यात्रा कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से रामलला के दर्शन कर चुके हैं।

🟠मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से बुजुर्गों की पूरी हो रही आस्था

मुख्यमंत्री ने बताया,कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के वृद्धजनों को देश के प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा हैं।उन्होंने कहा,कि धार्मिक आस्था लोगों की बड़ी शक्ति हैं,और सरकार का प्रयास हैं,कि आर्थिक या अन्य कारणों से कोई भी श्रद्धालु अपनी तीर्थ यात्रा की इच्छा से वंचित न रहे।🟠धार्मिक पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री साय ने कहा,कि धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के विकास से एक ओर जहां प्रदेश की विरासत का संरक्षण होता हैं,वहीं दूसरी ओर स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती हैं।धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार और पर्यटन बढ़ने से स्थानीय युवा, स्व-सहायता समूह, छोटे कारोबारी और कारीगर रोजगार एवं आय के नए अवसरों से जुड़ सकते हैं।उन्होंने कहा,कि सरकार का प्रयास हैं,कि छत्तीसगढ़ के प्रमुख आस्था केंद्रों को बेहतर सुविधाओं के साथ विकसित कर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई जाए।

🟠3 से 5 सितंबर तक चल रहा महा-महोत्सव

इस्कॉन रायपुर के 26वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर 3 से 5 सितंबर तक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव का आयोजन किया जा रहा हैं।महोत्सव में भगवान श्रीकृष्ण की आराधना, भजन-कीर्तन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन कर रहे हैं।इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा, इस्कॉन रायपुर के पदाधिकारी, संतजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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