संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,8सितंबर2026
राज्यपाल रमेन डेका ने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में,सावित्रीबाई फुले कन्या छात्रावास और मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए,पत्रकारिता में सत्य, तथ्य और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।राज्यपाल ने कहा,कि सावित्रीबाई फुले ने महिला शिक्षा और नारी सशक्तिकरण के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनके नाम पर कन्या छात्रावास का नामकरण छात्राओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का अवसर देगा। उन्होंने कहा,कि छात्रावास दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनकी उच्च शिक्षा एवं प्रतिभा विकास में सहायक होगा।
🟠AI के दौर में जिम्मेदार पत्रकारिता जरूरी
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा,कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आने से मीडिया और पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदल रहा हैं। ऐसे समय में विश्वविद्यालय में स्थापित मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र विद्यार्थियों को नई तकनीकों को समझने और उनके जिम्मेदार एवं प्रभावी उपयोग के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रेरणास्रोत स्वर्गीय कुशाभाऊ ठाकरे की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके साथ बिताए अवसरों एवं प्रेरणादायी प्रसंगों को साझा किया।
🟠खबर प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि जरूरी
राज्यपाल ने कहा,कि पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार हैं,और इसकी विश्वसनीयता बनाए रखना प्रत्येक पत्रकार की जिम्मेदारी हैं। किसी भी व्यक्ति से संबंधित समाचार प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पूरी पुष्टि करना आवश्यक हैं,क्योंकि एक समाचार का प्रभाव व्यक्ति के साथ-साथ पूरे समाज पर पड़ सकता हैं।सोशल मीडिया के दौर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सूचनाएं बहुत तेजी से प्रसारित हो रही हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर उपलब्ध हर जानकारी जरूरी नहीं कि सत्य हो। इसलिए पत्रकारों को तथ्य-जांच और पड़ताल के बाद ही समाचार प्रसारित करना चाहिए।उन्होंने कहा,कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी होती हैं। श्रेष्ठ पत्रकार वह नहीं हैं,जो सबसे पहले खबर देता हैं,बल्कि वह हैं,जो सही, तथ्यपरक और जिम्मेदारी के साथ खबर देता हैं।
🟠समाज के अनसुने नायकों को सामने लाए मीडिया
राज्यपाल ने प्रिंट मीडिया के महत्व पर भी बात की। उन्होंने कहा,कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, एआई और सोशल मीडिया के दौर में भी प्रिंट मीडिया समाज में, एक विश्वसनीय माध्यम के रूप में अपनी भूमिका बनाए हुए हैं।उन्होंने कहा,कि पत्रकारिता को समाज के अंतिम व्यक्ति की समस्याओं और आवश्यकताओं को सामने लाने तथा व्यवस्था में आवश्यक सुधार के लिए अपनी भूमिका निभानी चाहिए। समाज में कई ऐसे लोग हैं,जिन्होंने उल्लेखनीय कार्य किए हैं, लेकिन उन्हें व्यापक पहचान नहीं मिल पाई। पत्रकारों को ऐसे अनसुने नायक-नायिकाओं की कहानियां समाज के सामने लानी चाहिए, ताकि उनके कार्य दूसरों के लिए प्रेरणा बन सकें।
🟠विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर जोर
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयास करने और कम से कम एक हजार विद्यार्थियों का लक्ष्य निर्धारित कर काम करने की आवश्यकता बताई।उन्होंने विश्वविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रमों की आवश्यक मान्यता सुनिश्चित करने के साथ शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने पर भी जोर दिया।कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति मनोज दयाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशुतोष मंडावी, विभागाध्यक्ष प्रबंधन ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष, शिक्षक, प्राध्यापक, अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।












