संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,9सितंबर2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवाकाल के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर,छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जाएगा। अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ प्रभावी बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी कड़ी में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने बुधवार को नया रायपुर स्थित,अपने आवास कार्यालय में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग से जुड़ी गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की।बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को अभियान की गतिविधियों को रचनात्मक, प्रभावी और जनोन्मुखी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
🟠एक महीने तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान
‘सेवा संकल्प अभियान’ का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा, नेतृत्व और समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ,विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी का स्वरूप देना हैं।मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा,कि यह अभियान केवल एक आयोजन नहीं हैं,बल्कि जनसेवा, जनभागीदारी और विकास के प्रति नागरिकों के विश्वास को मजबूत करने का अवसर हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा,कि अभियान की गतिविधियों का संदेश प्रदेश के अधिक से अधिक लोगों तक सरल और प्रभावशाली तरीके से पहुंचाया जाए।
🟠नुक्कड़ नाटकों के जरिए दिखाई जाएगी योजनाओं से बदलाव की कहानी
अभियान के दौरान संस्कृति विभाग की ओर से महाविद्यालयों, विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों, सामुदायिक केंद्रों और पंचायतों सहित विभिन्न प्रमुख स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाएगा।इन नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा इन योजनाओं से आम लोगों के जीवन में आए बदलावों को रोचक और भावनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।प्रस्तुतियों में स्थानीय भाषा, लोककला, संगीत और प्रभावी संवादों का इस्तेमाल किया जाएगा। योजनाओं से लाभान्वित वास्तविक हितग्राहियों की जीवन बदलने वाली कहानियों को भी इन प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने पर जोर रहेगा।सरकार का उद्देश्य योजनाओं की जानकारी को सिर्फ प्रचार तक सीमित रखने के बजाय उसे जनसंवाद और जनजागरूकता का माध्यम बनाना हैं।
🟠स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी जोड़ा जाएगा
महाविद्यालयों और विद्यालयों में होने वाले नुक्कड़ नाटकों के जरिए युवाओं और विद्यार्थियों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। वहीं सार्वजनिक स्थानों पर प्रस्तुतियों के आयोजन से आम नागरिकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।इससे स्थानीय कलाकारों और युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं की जानकारी भी ज्यादा सहज तरीके से लोगों तक पहुंच सकेगी।
🟠इन्फ्लूएंसर दिखाएंगे बदलते छत्तीसगढ़ की तस्वीर
अभियान में पर्यटन विभाग डिजिटल माध्यमों का सहारा लेगा। देश और प्रदेश के इन्फ्लूएंसरों के माध्यम से छत्तीसगढ़ में हुए,विकास कार्यों, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और प्रदेश की बदलती तस्वीर को लोगों तक पहुंचाने की पहल की जाएगी।इन्फ्लूएंसरों के माध्यम से प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों, बेहतर हुई अधोसंरचना, पर्यटन सुविधाओं और विकास कार्यों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत किया जाएगा।इस पहल का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने के साथ-साथ प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना भी हैं। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ती पहुंच को देखते हुए युवाओं को अभियान से जोड़ने पर विशेष जोर रहेगा।
🟠सेवा, विकास और जनभागीदारी बनेगी अभियान की पहचान
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान में कई तरह की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’ और ‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ जैसी पहल शामिल हैं।इन गतिविधियों के जरिए सरकारी योजनाओं की जानकारी पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने, योजनाओं से वंचित पात्र लोगों को जोड़ने और समाज के अलग-अलग वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
🟠संस्कृति और पर्यटन से मिलेगा अभियान को नया विस्तार
बैठक में मंत्री राजेश अग्रवाल ने संस्कृति एवं पर्यटन विभाग से संबंधित गतिविधियों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने और दोनों विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा, कि संस्कृति जनसंवाद का प्रभावी माध्यम हैं, जबकि पर्यटन प्रदेश की विकास यात्रा को देश-दुनिया तक पहुंचाने का सशक्त जरिया हैं। दोनों माध्यमों का बेहतर इस्तेमाल कर सेवा संकल्प अभियान को अधिक व्यापक और प्रभावी बनाया जा सकता हैं।मंत्री ने अधिकारियों को अभियान में स्थानीय संस्कृति, लोककलाओं, युवाओं और डिजिटल माध्यमों की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि सेवा, विकास और जनभागीदारी का संदेश आम नागरिकों तक सहज, रचनात्मक और प्रभावशाली तरीके से पहुंचाया जा सके।












