अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,11सितंबर2026
जिले के पस्ता स्थित शासकीय पशु चिकित्सालय की बदहाल व्यवस्था ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस अस्पताल में बेजुबान पशुओं को समय पर उपचार और जरूरी दवाइयां मिलनी चाहिए, वहां डॉक्टर की कथित अनुपस्थिति, जर्जर भवन और दवाइयों के रखरखाव को लेकर कई गंभीर आरोप सामने आए हैं।
🟠डॉक्टर की जगह परिचारक कर रहा इलाज
स्थानीय स्तर पर आरोप है कि पशु चिकित्सालय में, पदस्थ चिकित्सक अक्सर ड्यूटी से नदारद रहते हैं। डॉक्टर की अनुपस्थिति में अस्पताल की जिम्मेदारी कथित तौर पर परिचारक परिमल मंडल के भरोसे चल रही हैं। आरोप हैं,कि परिचारक ही पशुओं को इंजेक्शन लगाने से लेकर फील्ड में जाकर उपचार करने तक का काम कर रहा हैं।वहीं, जिन AVFO कर्मचारियों की जिम्मेदारी फील्ड में पशुओं की देखभाल और उपचार से जुड़ी हैं,उनके अस्पताल में मौजूद रहने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में अस्पताल में निर्धारित जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक हैं।
🟠जर्जर भवन बना हादसे का खतरा
अस्पताल की इमारत की हालत भी चिंता बढ़ाने वाली हैं। भवन की छत से प्लास्टर गिरने, कई जगह पानी रिसने और दीवारों के कमजोर होने की स्थिति सामने आई हैं। जर्जर भवन में मरीजों, पशुपालकों और कर्मचारियों की आवाजाही किसी संभावित हादसे का कारण बन सकती हैं।
🟠कचरे और नाली के पास पड़ी मिलीं सरकारी दवाइयां
मामले का सबसे गंभीर पहलू अस्पताल में उपलब्ध सरकारी दवाइयों के रखरखाव को लेकर,सामने आया हैं। आरोप हैं,कि पशुओं के इलाज के लिए उपलब्ध कराई गई सरकारी दवाइयां नाली के पानी और कचरे के पास पड़ी मिलीं।ऐसे में सवाल उठता हैं,कि लाखों रुपये की सरकारी दवाइयों का रखरखाव किस तरह किया जा रहा हैं,और यदि दवाइयां उपयोग योग्य नहीं रहीं तो इसके लिए जिम्मेदारी किसकी होगी?
🟠विभाग ने माना भवन की हालत खराब, कार्रवाई का भरोसा
मामले में पशुधन विकास विभाग के उप संचालक डॉ. S.P.S. सेंगर ने अस्पताल की जर्जर स्थिति और व्यवस्थाओं से जुड़ी शिकायतों को स्वीकार किया हैं। उन्होंने जिम्मेदार कर्मचारी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही हैं।अब बड़ा सवाल यह है कि पस्ता के इस सरकारी पशु चिकित्सालय की व्यवस्था कब सुधरेगी? पशुपालकों को समय पर उपचार कब मिलेगा और सरकारी दवाइयों के रखरखाव में लापरवाही के लिए जिम्मेदारी कब तय होगी?












