संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,12सितंबर2026
छत्तीसगढ़ सरकार ने शहरी गरीबों के पक्के मकान के सपने को पूरा करने की,दिशा में बड़ा और संवेदनशील फैसला लिया हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के तहत निवास की वैधता की कट-ऑफ तिथि 31 अगस्त 2015 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2024 कर दी गई हैं। इससे पिछले 9 वर्षों में नगरीय क्षेत्रों में निवासरत पात्र परिवार भी अब योजना के लाभ के दायरे में आ सकेंगे।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में यह निर्णय लिया गया हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नई कट-ऑफ तिथि के संबंध में आदेश जारी कर दिया हैं। सरकार का कहना हैं,कि बदलती शहरी आबादी और गरीब एवं निम्न आय वर्ग की आवासीय जरूरतों को देखते हुए पात्रता का दायरा बढ़ाया गया हैं।
🟠एएचपी आवासों के आवंटन में आएगी तेजी
नई कट-ऑफ तिथि से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (एएचपी) परियोजनाओं में अधिक पात्र हितग्राहियों का चयन और आवास आवंटन किया जा सकेगा। इससे किराये के मकानों, अस्थायी बस्तियों और अपर्याप्त आवासीय परिस्थितियों में रहने वाले पात्र परिवारों को पक्के और सम्मानजनक आवास से जोड़ने में मदद मिलेगी।राज्य शासन ने सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को संशोधित प्रावधानों के अनुसार पात्र हितग्राहियों के चिन्हांकन, दस्तावेज सत्यापन और आवास आवंटन की प्रक्रिया प्राथमिकता से पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
🟠36,969 आवास स्वीकृत, 29,267 पूर्ण
छत्तीसगढ़ में एएचपी घटक के तहत अब तक 36,969 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 29,267 आवास पूर्ण हो चुके हैं,जबकि 7,702 आवासों का निर्माण विभिन्न चरणों में जारी हैं। वहीं निर्मित एवं उपलब्ध आवासों में से अब तक 30,438 आवास आवंटित किए जा चुके हैं और 21,923 परिवार अपने पक्के घरों में रहना शुरू कर चुके हैं।
🟠निकायों को 15 दिन की समय-सीमा
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने सभी नगरीय निकायों के आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को संशोधित आदेश के, अनुसार 15 दिनों के भीतर आवास से वंचित पात्र परिवारों को एएचपी आवास का लाभ दिलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल को इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा हैं।
🟠केंद्र और राज्य सरकार दे रही अनुदान
एएचपी घटक के तहत स्लम में रहने वाले शहरी गरीब आवासहीन परिवारों के लिए,केंद्र सरकार द्वारा प्रति आवास 1.50 लाख रुपये और राज्य सरकार द्वारा 2.50 लाख रुपये का अनुदान दिया जाता हैं। हितग्राही अंशदान के रूप में 75 हजार रुपये आसान किश्तों में जमा कर सकते हैं।वहीं किराये के मकानों में रहने वाले पात्र कमजोर आय वर्ग के परिवारों के लिए केंद्र सरकार 1.50 लाख रुपये का अनुदान देती हैं,जबकि राज्य सरकार आवास निर्माण के लिए नि:शुल्क भूमि उपलब्ध कराती हैं। हितग्राही अंशदान 3.25 लाख रुपये आसान किश्तों में जमा करने की सुविधा दी गई हैं।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नई कट-ऑफ तिथि से अधिक पात्र एवं जरूरतमंद परिवार पक्के आवास से जुड़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार हर गरीब परिवार को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि नए निर्णय से एएचपी परियोजनाओं में हितग्राही चयन और योजनाबद्ध बसाहट को नई गति मिलेगी।












