न्यूज डेस्क,बेमेतरा,छत्तीसगढ़,14सितंबर2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा,कि शिक्षा व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की प्रगति का सबसे मजबूत आधार हैं। जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा जरूरी हैं,और इस पूरी प्रक्रिया में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती हैं। शिक्षक बच्चों को केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व को गढ़ने, संस्कार देने और सही दिशा दिखाने का काम करते हैं। उनके माध्यम से ही समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव तैयार होती हैं।मुख्यमंत्री रविवार को बेमेतरा के बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान एवं प्रतिभावान विद्यार्थी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जिले के 81 सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। वहीं बोर्ड एवं महाविद्यालयीन परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 42 मेधावी छात्र-छात्राओं को विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से गोल्ड मेडल और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
🟠शिक्षक राष्ट्र निर्माता, उनकी शिक्षा का प्रभाव पीढ़ियों तक
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत में गुरु के सम्मान की गौरवशाली परंपरा रही हैं। शिक्षक अपने ज्ञान, अनुभव और संस्कारों से पीढ़ियों का निर्माण करते हैं। एक शिक्षक की दी गई शिक्षा का प्रभाव केवल एक विद्यार्थी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचता हैं। इसी कारण शिक्षक को राष्ट्र निर्माता कहा जाता हैं।उन्होंने कहा,कि शिक्षा अज्ञानता के अंधकार को दूर करने वाला ज्ञान का प्रकाश हैं। यह व्यक्ति को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के साथ आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती हैं।
🟠हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर देने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा,कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचना और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही हैं। सरकार का प्रयास हैं,कि संसाधनों या अवसरों की कमी के कारण छत्तीसगढ़ का कोई बच्चा पीछे न रह जाए।उन्होंने बताया कि प्रदेश में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए आईआईटी, आईआईएम, एम्स और ट्रिपल आईटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की संस्थाएं मौजूद हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए नालंदा परिसर जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा हैं। आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण और विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जा रही हैं।
🟠बेमेतरा को 2 करोड़ के गौरव पथ और नए सब-स्टेशन की सौगात
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले के विकास के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बेमेतरा शहर में गौरव पथ निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत किए जाने तथा ग्राम पंचायत तिवरिया में नवीन विद्युत सब-स्टेशन निर्माण की घोषणा की।उन्होंने कहा,कि सरकार शिक्षा के साथ सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए भी लगातार काम कर रही हैं। बेहतर अधोसंरचना से विकास की गति तेज होगी और लोगों का जीवन सुविधाजनक बनेगा।
🟠जल संरक्षण के कार्यों का भी हुआ सम्मान
समारोह में “मोर गांव मोर पानी” महाअभियान के तहत जल संरक्षण और भू-जल स्तर सुधारने के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों को भी सम्मानित किया गया। बेमेतरा जिले को क्रिटिकल जोन से सेमी-क्रिटिकल जोन की दिशा में लाने के प्रयासों के लिए जनपद पंचायत बेमेतरा, बेरला और नवागढ़ को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।मुख्यमंत्री ने कहा,कि जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों से जुड़ा विषय हैं। शासन के प्रयासों में जनभागीदारी जुड़ने से बड़े बदलाव संभव हैं।
🟠शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी : मंत्री दयाल दास बघेल
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति में आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की शक्ति पैदा करती हैं। शिक्षक विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ उन्हें संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरु का स्थान सर्वोच्च रहा हैं। शिक्षक ज्ञान का प्रकाश फैलाकर नई पीढ़ी को सही दिशा देते हैं और समाज व राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करते हैं।इस अवसर पर विधायक दीपेश साहू, विधायक ईश्वर साहू, रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष स्वामी राजीव लोचन दास, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।












