अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,14सितंबर2026
जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत,25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘आंगन मिलन सेवा (आंगनबाड़ी सम्मान एवं मातृ सम्मान)’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से जिले के सभी 2371 आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए जनसहयोग से खिलौनों का वितरण किया जाएगा।
🟠घर में रखे उपयोगी खिलौने भी कर सकते हैं दान
‘आंगन मिलन सेवा’ का सबसे आत्मीय पहलू खिलौना दान हैं। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने जिलेवासियों से अपील की हैं,कि घर में रखे ऐसे सुरक्षित और उपयोगी खिलौने, जिनका अब इस्तेमाल नहीं हो रहा हैं,उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को भेंट करें।जो नागरिक चाहें, वे अपनी इच्छा के अनुसार नए खिलौने भी दान कर सकते हैं। नागरिकों के साथ जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएं और व्यवसायिक प्रतिष्ठान भी 25 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच अपने निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर इस अभियान में सहभागी बन सकते हैं।
🟠बच्चों की पहली पाठशाला हैं आंगनबाड़ी केंद्र
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा,कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के जीवन की पहली पाठशाला हैं। इन्हें अधिक आनंदमय, आकर्षक और सीखने योग्य बनाने में समाज की सहभागिता महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा,कि नागरिकों का छोटा सा सहयोग किसी बच्चे के चेहरे पर बड़ी मुस्कान ला सकता हैं,और उसकी सीखने की यात्रा को और बेहतर बना सकता हैं।उन्होंने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा,कि बच्चों के लिए किया गया प्रत्येक छोटा प्रयास उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव को मजबूत करता हैं।
🟠खेल-खेल में सीखने का बनेगा माध्यम
प्रशासन के मुताबिक, खिलौने बच्चों के लिए सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं हैं। खेल के माध्यम से बच्चों में रचनात्मकता, कल्पनाशक्ति, भाषा, सामाजिक व्यवहार और बौद्धिक विकास को बढ़ावा मिलता हैं। जनसहयोग से प्राप्त खिलौनों का उपयोग आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए आनंदमय और सीखने योग्य वातावरण तैयार करने में किया जाएगा।जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग ने जिलेवासियों से ‘आंगन मिलन सेवा’ में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की हैं। यह पहल बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाने के साथ समाज में संवेदनशीलता, सहयोग और अपनत्व की भावना को भी मजबूत करेगी।












