संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,22सितंबर2026
छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक कला,लोक संगीत और सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित एवं आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की हैं। संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश के कार्यशील लोक कला दलों को वाद्य यंत्र खरीदने के लिए वित्तीय सहायता अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए पात्र लोक कला दलों से 28 सितंबर 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।यह सहायता ‘संगीत की दुर्लभ शैलियों व वाद्यों हेतु संचालित योजना’ के तहत दी जाएगी। योजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोक संगीत शैलियों, दुर्लभ वाद्य यंत्रों और लोक सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के संरक्षण के साथ उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना हैं।
🟠प्रदेशभर के कार्यशील लोक कला दल कर सकेंगे आवेदन
योजना के तहत पात्र एवं कार्यशील लोक कला दल निर्धारित प्रारूप में आवश्यक जानकारी और दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकते हैं। आवेदन संबंधित जनपद पंचायत अथवा नगरीय निकाय कार्यालय में जमा करना होगा।आवेदन की अंतिम तिथि 28 सितंबर 2026 निर्धारित की गई हैं। इच्छुक लोक कला दल समय-सीमा का ध्यान रखते हुए निर्धारित तिथि तक आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
🟠जिला स्तर पर जारी किए गए निर्देश
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिला प्रशासन द्वारा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को भी परिपत्र जारी किया गया हैं।अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय लोक कला दलों तक योजना की जानकारी पहुंचाने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
🟠दुर्लभ लोक संगीत शैलियों और पारंपरिक वाद्यों के संरक्षण पर जोर
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत में लोकगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक संगीत शैलियों और विभिन्न वाद्य यंत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कई लोक कलाओं की पहचान ही उनके पारंपरिक वाद्य यंत्रों से जुड़ी हुई है। ऐसे में वाद्य यंत्रों के लिए वित्तीय सहायता मिलने से कलाकारों और दलों को अपनी सांस्कृतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सहयोग मिलेगा।इस पहल से अनुभवी कलाकारों के माध्यम से पारंपरिक संगीत और वाद्य कला की जानकारी नई पीढ़ी तक पहुंचाने के अवसर भी बढ़ेंगे।
🟠स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक आयोजनों को मिलेगा प्रोत्साहन
लोक कला दल विभिन्न मेलों, उत्सवों, धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत रखते हैं। वाद्य यंत्रों की उपलब्धता से ऐसे दलों की प्रस्तुतियों को आवश्यक संसाधन मिल सकेंगे और स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के बेहतर अवसर मिलेंगे।
🟠28 सितंबर तक करें आवेदन
प्रदेश के इच्छुक एवं पात्र लोक कला दलों से अपील की गई हैं,कि वे निर्धारित प्रारूप में आवश्यक जानकारी एवं दस्तावेजों के साथ 28 सितंबर 2026 तक संबंधित जनपद पंचायत या नगरीय निकाय कार्यालय में आवेदन अनिवार्य रूप से जमा करें।संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय की यह पहल प्रदेश की पारंपरिक लोक कला, दुर्लभ संगीत शैलियों और वाद्य परंपराओं के संरक्षण तथा लोक कलाकारों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।












