संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,23सितंबर2026
प्रदेश में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के अंतर्गत बच्चों के पोषण, स्वच्छता और बेहतर स्वास्थ्य को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ‘बच्चों की थाली, हम सबकी जिम्मेदारी’ और ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ के संदेश के साथ प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में समुदाय की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा हैं।अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को गर्म, ताजा, पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के साथ, अभिभावकों एवं ग्रामीणों को भी भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता की निगरानी से जोड़ा जा रहा हैं।
🟠बच्चों की थाली पर समुदाय की नजर
आंगनबाड़ी केंद्रों में पोस्टर और जागरूकता सामग्री के जरिए अभिभावकों को बताया जा रहा हैं,कि वे बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, स्वाद, स्वच्छता और परोसने के तरीके पर नजर रखें। भोजन साफ-सफाई से तैयार हो रहा हैं,या नहीं और बच्चों को उनकी जरूरत के अनुरूप पौष्टिक आहार मिल रहा हैं,या नहीं, इस पर चर्चा के साथ समुदाय से आवश्यक सुझाव भी लिए जा रहे हैं।इस पहल का उद्देश्य केवल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी तक सीमित न रहकर बच्चों के पोषण को परिवार और समुदाय की साझा जिम्मेदारी बनाना हैं।
🟠स्थानीय और पौष्टिक खाद्य पदार्थों पर जोर
प्रदेश के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण माह के दौरान भोजन की गुणवत्ता और पोषण मूल्य को बेहतर बनाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, माताओं, स्व-सहायता समूहों और समुदाय द्वारा मिलकर प्रयास किए जा रहे हैं।बच्चों द्वारा भोजन कम ग्रहण किए जाने की स्थिति में माताओं से चर्चा कर भोजन के स्वाद और परोसने के तरीके में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं। इसके साथ ही स्थानीय एवं मौसमी सब्जियों, दाल और मिलेट जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने पर जोर दिया जा रहा हैं।रसोई की स्वच्छता, भोजन तैयार करने और परोसने के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा हैं। बच्चों के नियमित वजन और विकास की निगरानी भी की जा रही हैं,ताकि पोषण स्तर में होने वाले बदलावों की समय पर पहचान की जा सके।
🟠गांव-गांव पहुंच रहा सुपोषण रथ
राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर 12 सितंबर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह रथ गांव-गांव पहुंचकर माताओं, परिवारों और समुदाय को संतुलित आहार, स्वच्छता और बच्चों के शुरुआती विकास के प्रति जागरूक कर रहा हैं।इसके साथ ही सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से बच्चों के विकास में आने वाली संभावित समस्याओं की समय पर पहचान, परामर्श और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ सेवाओं से जोड़ने पर भी काम किया जा रहा हैं।
🟠9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक चल रहा पोषण माह
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सभी जिलों को आंगनबाड़ी प्रबंधन समितियों, पंचायतों, अभिभावकों और समुदाय को पोषण संबंधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक चल रहे राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों में रंग-बिरंगी थाली प्रदर्शन, पोषण मेले, माता-पिता की बैठकें, स्वच्छता अभियान और जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
🟠‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ का संदेश
अभियान के जरिए यह संदेश दिया जा रहा हैं,कि बच्चों को स्वस्थ और सुपोषित बनाने की जिम्मेदारी केवल आंगनबाड़ी केंद्रों या किसी एक विभाग की नहीं, बल्कि परिवार और पूरे समुदाय की साझा जिम्मेदारी हैं।आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा भावना के साथ अभिभावकों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से बच्चों के पोषण, स्वच्छता और शुरुआती विकास को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। यही सामूहिक भागीदारी ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ के संदेश को जमीनी स्तर पर मजबूत कर रही हैं।












