लमना विलेज स्टे में ब्रिटेन के अतिथियों ने ग्रामीण जीवन, स्थानीय संस्कृति और हाट-बाजार का लिया अनुभव

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,24सितंबर2026

छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक खूबसूरती और समृद्ध लोक संस्कृति के साथ,अब यहां का ग्रामीण पर्यटन मॉडल भी विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर रहा हैं। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के लमना विलेज स्टे में ब्रिटेन से पहुंचे पर्यटकों ने गांव में रहकर ग्रामीण जीवनशैली, स्थानीय संस्कृति, हाट-बाजार और लोगों की आत्मीयता को करीब से अनुभव किया।ब्रिटेन से आए फ्रैंक रोजर मार्सटन और जेनिफर मार्गरेट रेनफ्रू मार्सटन का लमना गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से तिलक लगाकर और ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच स्वागत किया। विदेशी मेहमानों ने भी ग्रामीणों के इस आत्मीय स्वागत का आनंद लिया और स्थानीय लोगों के साथ सहजता से घुल-मिलकर छत्तीसगढ़ी ग्रामीण संस्कृति को करीब से जाना।

🟠विलेज वॉक में जाना गांव का जीवन

लमना विलेज स्टे में पर्यटकों का अनुभव केवल ठहरने तक सीमित नहीं रहा। उन्हें गांव की गलियों, खेत-खलिहानों और पारंपरिक ग्रामीण परिवेश से परिचित कराने के लिए ‘विलेज वॉक’ कराया गया। इस दौरान विदेशी मेहमानों ने ग्रामीणों से बातचीत की और गांव की रोजमर्रा की जीवनशैली को करीब से समझा।उन्होंने ग्रामीण परिवारों, महिलाओं, बच्चों और स्थानीय लोगों के साथ समय बिताया। गांव का प्राकृतिक वातावरण, सादगी और लोगों का सहज व्यवहार उनके लिए खास अनुभव रहा।🟠ग्रामीण हाट में दिखी स्थानीय उत्पादों की विविधता

लमना प्रवास के दौरान ग्रामीण हाट विदेशी मेहमानों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। उन्होंने स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों से बातचीत की तथा मिट्टी के बर्तन, बांस से बने सामान, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, स्थानीय खाद्य सामग्री, सब्जियां और अन्य ग्रामीण उत्पादों को करीब से देखा।ग्रामीण हाट की चहल-पहल और स्थानीय उत्पादों की विविधता ने उन्हें भारतीय गांव के रोजमर्रा के जीवन का प्रत्यक्ष अनुभव कराया।

🟠पर्यटन से स्थानीय लोगों को अवसर

लमना विलेज स्टे जैसे ग्रामीण पर्यटन केंद्रों की खासियत यह हैं,कि यहां आने वाले पर्यटकों को केवल किसी पर्यटन स्थल का भ्रमण नहीं कराया जाता,बल्कि उन्हें स्थानीय जीवन और संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलता हैं।ग्रामीण पर्यटन के विस्तार से होमस्टे संचालकों, स्थानीय गाइडों, हस्तशिल्पकारों, छोटे व्यवसायों और ग्रामीण बाजार से जुड़े लोगों के लिए आय एवं रोजगार के अवसर विकसित होने की संभावनाएं बढ़ती हैं। इससे पर्यटन को स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने में भी मदद मिल सकती हैं।🟠प्रकृति और संस्कृति का संगम हैं,लमना

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में प्राकृतिक और धार्मिक पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। मैकल पर्वत श्रृंखला, जंगल,जलप्रपात और धार्मिक स्थलों के साथ शिवघाट मनौरा, जलेश्वर धाम, लक्ष्मणधारा, झोजा जलप्रपात और धनपुर जैसे स्थान पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं।लमना विलेज स्टे इस पर्यटन परिदृश्य में ग्रामीण जीवन के अनुभव को जोड़ता हैं। यहां पर्यटक प्रकृति के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति, खान-पान, हस्तशिल्प और ग्रामीण समुदाय से भी जुड़ सकते हैं।

🟠अनुभव आधारित पर्यटन की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़

पर्यटन का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब पर्यटक केवल प्रसिद्ध स्थलों को देखने के बजाय स्थानीय जीवन, लोक संस्कृति, खान-पान, हस्तशिल्प और समुदाय के साथ जुड़ने वाले अनुभवों को भी महत्व दे रहे हैं। होमस्टे और ग्रामीण पर्यटन इस बदलाव का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहे हैं।लमना में ब्रिटेन के पर्यटकों का प्रवास इसी अनुभव आधारित पर्यटन की तस्वीर पेश करता हैं। विदेशी मेहमानों ने गांव को दूर से देखने के बजाय ग्रामीणों के साथ समय बिताया, हाट-बाजार का भ्रमण किया और स्थानीय जीवनशैली को करीब से समझा।लमना की यह यात्रा छत्तीसगढ़ में विकसित हो रहे उस ग्रामीण पर्यटन मॉडल की झलक देती हैं,जिसमें प्रकृति, संस्कृति, ग्रामीण आतिथ्य और स्थानीय अर्थव्यवस्था एक साथ जुड़ते हैं। विदेशी पर्यटकों की ऐसी यात्राएं राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन की नई संभावनाओं को सामने लाने के साथ स्थानीय समुदायों की भागीदारी को भी बढ़ावा दे सकती हैं।

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