स्वच्छ भारत मिशन के तहत 49.66 करोड़ के 50 कार्य मंजूर, 42 आकांक्षी शौचालयों को भी मिलेगी मंजूरी

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,24सितंबर2026

छत्तीसगढ़ के नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया हैं। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत कुल 49 करोड़ 66 लाख रुपये के 50 कार्यों को मंजूरी दी गई हैं। इनमें 42 आकांक्षी शौचालयों के निर्माण सहित सतत स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और अनुपचारित जल प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में मंत्रालय में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय तकनीकी समिति (SLTC) की 13वीं बैठक हुई। बैठक में विभिन्न नगरीय निकायों से प्राप्त प्रस्तावों पर चर्चा के बाद इन कार्यों को स्वीकृति दी गई।

🟠स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन को मिलेगी मजबूती

स्वीकृत परियोजनाओं के माध्यम से शहरों में नागरिक सुविधाओं के,विस्तार के साथ स्वच्छता व्यवस्था को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया हैं। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और अनुपचारित जल प्रबंधन से जुड़े कार्यों के जरिए नगरीय क्षेत्रों में कचरे के बेहतर प्रबंधन और जल से, संबंधित व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा।बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की स्वीकृत परियोजनाओं की निगरानी के लिए परियोजना पर्यवेक्षण सलाहकार (PMC) की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई। PMC के माध्यम से परियोजनाओं की गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा होने की निगरानी की जाएगी।🟠5 नगरीय निकायों में जल प्रबंधन कार्यों को मिलेगी गति

अनुपचारित जल प्रबंधन के अंतर्गत 5 नगरीय निकायों से प्राप्त निविदा दरों से संबंधित प्रस्तावों पर भी आवश्यक स्वीकृतियां जारी की गईं। इससे संबंधित नगरीय निकायों में जल प्रबंधन से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।समिति ने स्वीकृत कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया, ताकि योजनाओं का लाभ जल्द से जल्द आम नागरिकों तक पहुंचाया जा सके।

🟠स्रोत पर कचरे का पृथक्करण, पुनः उपयोग और वैज्ञानिक प्रसंस्करण

बैठक में नगरीय क्षेत्रों में जीरो वेस्ट मॉडल को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न नवाचारों पर भी चर्चा हुई। कचरे के बेहतर प्रबंधन के लिए स्रोत स्तर पर पृथक्करण,पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक प्रसंस्करण को बढ़ावा देने की कार्ययोजना पर जोर दिया गया।समिति ने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप नवाचार आधारित मॉडल विकसित करने और सफल मॉडलों को व्यापक स्तर पर लागू करने के संबंध में भी सुझाव दिए। इसका उद्देश्य शहरों में ऐसी स्वच्छता व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें कचरे का अधिकतम उपयोग और वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण सुनिश्चित किया जा सके।🟠समयबद्ध तरीके से पूरा होंगे स्वीकृत कार्य

राज्य स्तरीय तकनीकी समिति ने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत स्वीकृत सभी कार्यों को,गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर विशेष बल दिया। साथ ही शहरों में सतत स्वच्छता व्यवस्था स्थापित करने और नागरिकों को,बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।बैठक में राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल, वित्त विभाग एवं अन्य विभागों के प्रतिनिधि, भारत सरकार के प्रतिनिधि और संबंधित विभागीय अधिकारी ऑनलाइन तथा भौतिक रूप से शामिल हुए।

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