संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,25सितंबर2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को,पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर,राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के राष्ट्रसेवा,जनकल्याण और अंत्योदय से जुड़े विचारों को स्मरण करते हुए,उनके योगदान को श्रद्धांजलि अर्पित की।मुख्यमंत्री साय ने कहा, कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद के माध्यम से राष्ट्र के समग्र विकास की ऐसी दृष्टि प्रस्तुत की, जिसके केंद्र में समाज का अंतिम व्यक्ति रहा। उनका जीवन राष्ट्रसेवा, जनकल्याण तथा गरीब, कमजोर और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित रहा।
🟠अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे विकास का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का मानना था कि विकास तभी सार्थक हैं,जब उसका लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उनका ‘अंत्योदय’ का सिद्धांत गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की प्रेरणा देता हैं।उन्होंने कहा,कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती को ‘अंत्योदय दिवस’ के, रूप में मनाना उनके विचारों और आदर्शों को स्मरण करने के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के प्रति संकल्प को भी व्यक्त करता हैं।
🟠एकात्म मानववाद और अंत्योदय आज भी प्रेरणास्रोत
मुख्यमंत्री साय ने कहा,कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानववाद और अंत्योदय का दर्शन आज भी राष्ट्र निर्माण और जनकल्याण की दिशा में प्रेरणा देता हैं। उनके विचारों में समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास और कल्याण को महत्व दिया गया हैं।मुख्यमंत्री ने कहा,कि राज्य सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए,समाज के प्रत्येक वर्ग तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सरकार का प्रयास हैं,कि जरूरतमंद और वंचित वर्ग विकास की मुख्यधारा से जुड़ें और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आए।उन्होंने कहा,कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार, आदर्श और राष्ट्रसेवा की भावना आने वाली पीढ़ियों को भी जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करती रहेगी।












