रमन अग्रवाल ने महाविद्यालय में प्रतिभागियों को दी ₹5,000 की प्रोत्साहन राशि,बोले— “पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र विकास का संगम हैं,रंगोली राष्ट्र”

अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,25सितंबर2026

शासकीय लरंगसाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रामानुजगंज में आयोजित,जिला स्तरीय ‘रंगोली राष्ट्र’ प्रतियोगिता में नगर पालिका परिषद रामानुजगंज के, अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा के माध्यम से ‘विकसित भारत 2047 एवं प्रधानमंत्री की जनकल्याणकारी योजनाएं’ विषय को रंगोली के जरिए जीवंत रूप दिया।विद्यार्थियों की रचनात्मकता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता से प्रभावित होकर रमन अग्रवाल ने प्रतिभागियों की सराहना की और अपनी ओर से ₹5,000 की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए,जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और उनके समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को भी जाना।🟠रमन अग्रवाल ने प्रतिभागियों से किया आत्मीय संवाद

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित प्रतियोगिता में, मुख्य अतिथि रमन अग्रवाल ने विभिन्न महाविद्यालयों से पहुंचे विद्यार्थियों की रंगोलियों का अवलोकन किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं से बातचीत कर यह समझने का प्रयास किया,कि उन्हें केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी किस माध्यम से मिली और इन योजनाओं का उनके परिवार एवं आसपास के लोगों के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा।उन्होंने विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता और प्रस्तुतीकरण की सराहना की। रमन अग्रवाल ने कहा,कि इस तरह के आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देते हैं।🟠प्राकृतिक सामग्री से सजी रंगोलियों ने खींचा ध्यान

‘रंगोली राष्ट्र’ प्रतियोगिता की खास बात इसका प्लास्टिकमुक्त आयोजन रहा। विद्यार्थियों ने रंगोली तैयार करने के लिए चावल, दाल, धान, रेत, फूल, पत्तियां और अन्य प्राकृतिक सामग्री का इस्तेमाल किया।रामानुजगंज, बलरामपुर, राजपुर, सनावल, रामचंद्रपुर, वाड्रफनगर, शंकरगढ़, रघुनाथनगर, रनहत और कुसमी के महाविद्यालयों से पहुंचे प्रतिभागियों ने अलग-अलग विषयों को अपनी रंगोलियों में उकेरा। कहीं आत्मनिर्भर भारत और किसान की तस्वीर दिखाई दी तो कहीं ग्रामीण विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकसित भारत की परिकल्पना को रचनात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया गया।प्राकृतिक सामग्री के उपयोग ने प्रतियोगिता को पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा। विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि रचनात्मकता के लिए प्लास्टिक या कृत्रिम संसाधनों पर निर्भरता जरूरी नहीं हैं।🟠राजपुर महाविद्यालय की टीम ने हासिल किया प्रथम स्थान

प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल ने विषय की अभिव्यक्ति, रचनात्मकता, प्रस्तुतीकरण और प्राकृतिक सामग्री के उपयोग सहित विभिन्न पहलुओं के आधार पर विजेताओं का चयन किया।🟠प्रतियोगिता के परिणाम:

🔸️प्रथम स्थान: शासकीय महाविद्यालय राजपुर — अनुजा कश्यप एवं साथी

🔸️द्वितीय स्थान: शासकीय महाविद्यालय सनावल — मंजू सिंह एवं साथी

🔸️तृतीय स्थान: शासकीय महाविद्यालय राजपुर — शकुंतला कौशिक एवं साथी

🔸️विजेता प्रतिभागियों की रचनात्मक प्रस्तुति को अतिथियों और उपस्थित लोगों ने सराहा।🟠‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जुड़ा आयोजन

कार्यक्रम में जनभागीदारी प्रबंध समिति के अध्यक्ष विकास गुप्ता ने प्लास्टिकमुक्त आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा,कि विद्यार्थियों को ऐसे रचनात्मक और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मंच मिलते रहने चाहिए, ताकि उनकी प्रतिभा को बेहतर अवसर मिल सके।महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रोस लिली बड़ा ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, प्राध्यापकों, विद्यार्थियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि डॉ. राकेश गुप्ता, विधायक प्रतिनिधि अश्विनी गुप्ता, जिला महामंत्री शर्मिला गुप्ता सहित जनप्रतिनिधि, विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्राध्यापक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों और विद्यार्थियों ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराया। इस तरह ‘रंगोली राष्ट्र’ प्रतियोगिता ने कला, रचनात्मकता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता को एक मंच पर जोड़ने का संदेश दिया।

 

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