अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,26सितंबर2026
अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ में होने वाली अवैध मदिरा की तस्करी और बिक्री पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग की कार्रवाई लगातार जारी हैं। इसी अभियान के तहत आबकारी वृत्त वाड्रफनगर की टीम ने 24 सितंबर को,दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। टीम ने आरोपियों के कब्जे से मध्यप्रदेश एवं उत्तरप्रदेश में बिक्री के लिए निर्धारित कुल 9.26 लीटर मदिरा जब्त की हैं।जब्त मदिरा की कुल बाजार कीमत 5,740 रुपये बताई गई हैं। दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
🟠मध्यप्रदेश में बिक्री योग्य गोवा शराब के साथ आरोपी पकड़ा गया
पहले मामले में आबकारी टीम ने ग्राम कोगवार,चौकी बलंगी निवासी रामखेलावन यादव (24 वर्ष) को पकड़ा। उसके कब्जे से केवल मध्यप्रदेश में विक्रय योग्य गोवा विदेशी मदिरा के 34 पाव बरामद किए गए।प्रत्येक पाव 180 एमएल का था और कुल 6.12 लीटर मदिरा जब्त की गई। जब्त शराब की बाजार कीमत 4,080 रुपये बताई गई हैं।आरोपी रामखेलावन यादव के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क), 34(2) एवं 36 के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की गई।
🟠दूसरे मामले में देशी और विदेशी मदिरा जब्त
दूसरी कार्रवाई में बलंगी निवासी नीरज कुमार (22 वर्ष) के कब्जे से,वाह ऑरेंज देशी मदिरा के 13 पाव तथा गोवा विदेशी मदिरा के 3 पाव बरामद किए गए।इनमें वाह ऑरेंज देशी मदिरा के पाव 200 एमएल और गोवा मदिरा के पाव 180 एमएल के थे। कुल 3.14 लीटर मदिरा जब्त की गई, जिसकी बाजार कीमत 1,660 रुपये बताई गई हैं।नीरज कुमार के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क) एवं 36 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया हैं।
🟠दूसरे राज्यों की शराब तस्करी पर लगातार कार्रवाई
आबकारी विभाग द्वारा अन्य राज्यों में बिक्री के लिए निर्धारित मदिरा की छत्तीसगढ़ में अवैध बिक्री और तस्करी पर लगातार निगरानी रखी जा रही हैं। वाड्रफनगर क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई को इसी अभियान की कड़ी के रूप में,देखा जा रहा हैं।विभाग द्वारा अवैध मदिरा के परिवहन, भंडारण और बिक्री से जुड़े मामलों में आगे भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है।
🟠आबकारी उपनिरीक्षक के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
पूरी कार्रवाई आबकारी उपनिरीक्षक अभिषेक राजवाड़े के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक चन्द्रदीप भगत एवं धर्मजीत राम शर्मा, मुख्य आरक्षक खागेश्वर साय, आरक्षक सचिन यादव, महिला नगर सैनिक हेमंती तिर्की एवं कलिस्ता एक्का तथा वाहन चालक दिनेश यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।












