गांधी जयंती पर CM विष्णुदेव साय ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को किया नमन

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,2अक्टूबर2026

गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धापूर्वक नमन किया। नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में आयोजित कार्यक्रम में,मुख्यमंत्री ने दोनों महान नेताओं के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, विचारों और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को स्मरण किया।

🟠सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा

मुख्यमंत्री साय ने कहा,कि महात्मा गांधी ने सत्य,अहिंसा और मानवता के मार्ग पर चलते हुए भारत ही नहीं,बल्कि पूरी दुनिया को शांति और सद्भाव का संदेश दिया। गांधी जी का जीवन इस बात का उदाहरण हैं,कि सत्य और अहिंसा जैसे मूल्यों के माध्यम से भी बड़े सामाजिक बदलाव की दिशा तैयार की जा सकती हैं।उन्होंने कहा,कि गांधी जी के विचारों में समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण की भावना प्रमुख रूप से दिखाई देती हैं। उनका मानना था,कि विकास और व्यवस्था का लाभ समाज के सबसे कमजोर और जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। यही विचार आज भी जनकल्याण और सामाजिक जिम्मेदारी के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा,कि गांधी जी का जीवन हमें केवल अपने अधिकारों की बात करने के बजाय अपने कर्तव्यों को भी जिम्मेदारी से निभाने की प्रेरणा देता हैं। सत्य के प्रति प्रतिबद्धता, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता, सादगी और समाज के प्रति संवेदनशीलता उनके विचारों के महत्वपूर्ण पहलू रहे हैं।🟠शास्त्री जी की सादगी और राष्ट्रभक्ति को किया याद

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री का स्मरण करते हुए,उनके सादगीपूर्ण जीवन और राष्ट्र के प्रति समर्पण को प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा,कि शास्त्री जी का व्यक्तित्व सरल होने के साथ-साथ दृढ़ नेतृत्व का उदाहरण था।मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी ने अपने सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा को विशेष महत्व दिया। उनका प्रसिद्ध नारा ‘जय जवान-जय किसान’ देश की सुरक्षा और आर्थिक-सामाजिक मजबूती में जवानों और किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका को सामने रखता हैं।यह मंत्र आज भी देश के सैनिकों और किसानों के योगदान को सम्मान देने की भावना से जुड़ा हुआ हैं। शास्त्री जी का जीवन यह संदेश देता है कि सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारी, अनुशासन और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देना कितना महत्वपूर्ण हैं।

🟠जनकल्याण और सुशासन की दिशा में प्रेरणा

मुख्यमंत्री साय ने कहा,कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन एवं आदर्श आज भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रासंगिक हैं। दोनों नेताओं ने अपने-अपने तरीके से देश के लोगों के प्रति जिम्मेदारी, सेवा और समर्पण का उदाहरण प्रस्तुत किया।उन्होंने कहा,कि गांधी जी के सत्य, अहिंसा और मानवता के विचार तथा शास्त्री जी की सादगी, दृढ़ता और राष्ट्रसेवा की भावना आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करती रहेगी। इन आदर्शों से जनकल्याण, सुशासन और राष्ट्रसेवा के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती हैं।🟠राष्ट्रसेवा के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संदेश

गांधी जयंती और शास्त्री जयंती एक ही दिन मनाई जाती हैं। यह दिन देश के लिए दो ऐसे महान व्यक्तित्वों को याद करने का अवसर देता हैं,जिन्होंने सार्वजनिक जीवन में सेवा, त्याग और जिम्मेदारी के अलग-अलग लेकिन महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत किए।मुख्यमंत्री ने दोनों महान नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए,उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने और राष्ट्रहित में अपनी भूमिका निभाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सत्य, अहिंसा, सादगी, जनसेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण जैसे मूल्य समाज को बेहतर दिशा देने में हमेशा महत्वपूर्ण रहेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी पढ़ें