विद्यार्थियों को बड़ी राहत : अब शैक्षणिक दस्तावेजों के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर, 60 दिन में मिलेगी सेवा

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,4अक्टूबर2026

विद्यार्थियों को शैक्षणिक दस्तावेज हासिल करने के लिए, बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी से राहत मिलने वाली हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की पहल पर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कई, महत्वपूर्ण सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में लाकर उनके लिए निर्धारित समय-सीमा तय की गई हैं।नई व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों को जरूरी शैक्षणिक दस्तावेज निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर उपलब्ध कराना हैं। इससे उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक कार्यों के दौरान, दस्तावेजों की जरूरत पड़ने पर विद्यार्थियों को अनावश्यक देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

🟠किन सेवाओं के लिए तय हुई समय-सीमा

माध्यमिक शिक्षा मंडल से जुड़ी निम्न महत्वपूर्ण सेवाओं को समयबद्ध व्यवस्था से जोड़ा गया हैं

🔸️डुप्लीकेट माइग्रेशन प्रमाण-पत्र

🔸️डुप्लीकेट अंकसूची

🔸️उत्तरपुस्तिका की पुनर्गणना

🔸️उत्तरपुस्तिका का पुनर्मूल्यांकन

🔸️उत्तरपुस्तिका की फोटोकॉपी

इन सेवाओं के लिए निर्धारित प्रक्रिया और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 60 दिवस की समय-सीमा तय की गई हैं।

🟠उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में मिलेगी राहत

परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद विद्यार्थियों के लिए समय काफी महत्वपूर्ण होता हैं। कई बार कॉलेज में प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षा या अन्य शैक्षणिक प्रक्रिया के, दौरान अंकसूची और माइग्रेशन प्रमाण-पत्र जैसे दस्तावेज अनिवार्य रूप से मांगे जाते हैं।ऐसे में दस्तावेज प्राप्त करने में देरी होने से विद्यार्थियों को परेशानी हो सकती हैं। नई समयबद्ध व्यवस्था से विद्यार्थियों को अपने आवेदन के निराकरण को लेकर अधिक स्पष्टता मिलेगी।

🟠मंत्री बोले पढ़ाई पर ध्यान दें विद्यार्थी

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा,कि विद्यार्थियों को अपने ही शैक्षणिक दस्तावेज प्राप्त करने के लिए परेशान होना उचित नहीं हैं। परीक्षा परिणाम के बाद उनके लिए हर दिन महत्वपूर्ण होता हैं,क्योंकि इसी दौरान उन्हें आगे की पढ़ाई, प्रवेश प्रक्रिया, छात्रवृत्ति और प्रतियोगी परीक्षाओं जैसी गतिविधियों में शामिल होना पड़ता हैं।उन्होंने कहा,कि सरकार का प्रयास हैं,कि विद्यार्थियों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था मिले, ताकि उनका समय जरूरी दस्तावेजों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने में न जाए और वे अपनी पढ़ाई तथा भविष्य निर्माण पर ध्यान दे सकें।

🟠व्यवस्था में बढ़ेगी जवाबदेही और पारदर्शिता

लोक सेवा गारंटी के दायरे में सेवाओं को शामिल किए जाने से केवल समय-सीमा तय नहीं होगी, बल्कि संबंधित प्रक्रिया में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।मंत्री ने अधिकारियों को विद्यार्थियों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ काम करने और निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना हैं,कि किसी विद्यार्थी को दस्तावेज प्राप्त करने या परीक्षा संबंधी प्रक्रिया पूरी करने के दौरान अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।

🟠किन विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा फायदा

इस व्यवस्था का सीधा लाभ उन विद्यार्थियों को मिलेगा, जिन्हें—

🔸️अंकसूची खो जाने या खराब होने पर डुप्लीकेट अंकसूची की जरूरत हैं।

🔸️आगे की पढ़ाई के लिए माइग्रेशन प्रमाण-पत्र चाहिए।

🔸️परीक्षा में प्राप्त अंकों को लेकर पुनर्गणना या पुनर्मूल्यांकन कराना हैं।

🔸️उत्तरपुस्तिका की फोटोकॉपी प्राप्त करनी हैं।

🔸️उच्च शिक्षा, छात्रवृत्ति या प्रतियोगी परीक्षा के लिए दस्तावेज जल्द चाहिए।

इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों को आवेदन के निराकरण की,समय-सीमा को लेकर स्पष्ट जानकारी मिलेगी और अनावश्यक विलंब पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

🟠विद्यार्थीकेंद्रित व्यवस्था पर जोर

राज्य सरकार की ओर से शिक्षा से जुड़ी सेवाओं को, अधिक सुविधाजनक और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया जा रहा हैं। शैक्षणिक दस्तावेजों से संबंधित सेवाओं को लोक सेवा गारंटी के दायरे में लाने से विद्यार्थियों को, प्रक्रिया में अधिक स्पष्टता मिलेगी और दस्तावेज प्राप्त करने के लिए होने वाली अनावश्यक भागदौड़ कम होने की उम्मीद हैं।

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