अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,6अक्टूबर2026
सेवा संकल्प अभियान के तहत मंगलवार को रामचन्द्रपुर विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नवाडीह के प्रांगण में सेवा सेतु शिविर आयोजित किया गया। शिविर में ग्रामीणों को अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की योजनाओं, सेवाओं और सुविधाओं की जानकारी मिली।शिविर में जनप्रतिनिधियों और कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए,कि शिविर में पहुंचने वाले प्रत्येक पात्र हितग्राही की समस्या और आवेदन को गंभीरता से लेते हुए उसे संबंधित योजना से जोड़ा जाए।
🟠आयुष्मान कार्ड और जाति प्रमाण पत्र का वितरण
शिविर में विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों से प्राप्त आवेदनों की प्रकृति के अनुसार कार्रवाई की। साथ ही ग्रामीणों को केंद्र और राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई और पात्रता के अनुसार उनका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम के दौरान हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड और जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पूर्ण हो चुके दो आवासों के हितग्राहियों को उनके नए घर की चाबी सौंपी गई।शिविर में स्वास्थ्य एवं ग्रामीण स्तर पर सेवाएं देने वाली मितानिनों को भी सम्मानित किया गया।
🟠कलेक्टर बोलीं सेवा सेतु से प्रशासन पहुंच रहा जनता के बीच
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा,कि सेवा सेतु शिविरों का उद्देश्य प्रशासन और ग्रामीणों के बीच की दूरी को कम करना हैं। ऐसे शिविरों के माध्यम से प्रशासन गांव तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं को सुन रहा हैं,और उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ने का प्रयास कर रहा हैं।उन्होंने अधिकारियों से कहा,कि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना के लाभ से वंचित नहीं होना चाहिए। विभागीय अधिकारी ग्रामीणों को योजनाओं की सही जानकारी दें और आवेदन प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग भी करें।
🟠किसानों से धान के साथ दूसरी फसल लेने की अपील
कलेक्टर ने शिविर में किसानों से कृषक उन्नति योजना का लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा,कि खेती में केवल धान पर निर्भर रहने के बजाय किसानों को दलहन, तिलहन और लघु धान्य जैसी फसलों को भी अपनाना चाहिए।उन्होंने बताया,कि धान के स्थान पर अन्य फसल लेने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दिए जाने की जानकारी दी। कलेक्टर ने किसानों से कहा,कि पंजीयन के दौरान अन्य फसल का विकल्प चुनने के लिए ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी या समिति प्रबंधक से संपर्क करें।उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे मेहमान की थाली में केवल चावल नहीं परोसा जाता, वैसे ही खेत में भी केवल धान पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। दलहन जैसी फसलों से मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में मदद मिलती हैं,और परिवार को पौष्टिक आहार भी मिलता हैं।
🟠जल संरक्षण को सरकारी योजना नहीं, जनअभियान बनाने पर जोर
कलेक्टर ने शिविर में जल संरक्षण को लेकर भी ग्रामीणों को जागरूक किया। उन्होंने कहा,कि पानी बचाने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं हैं,बल्कि इसमें ग्रामीणों और किसानों की भागीदारी भी जरूरी हैं।उन्होंने ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान का उल्लेख करते हुए बताया,कि छत्तीसगढ़ इस दिशा में लगातार काम कर रहा हैं। उन्होंने किसानों को ‘5 प्रतिशत मॉडल’ की जानकारी दी, जिसके तहत किसान अपनी कृषि भूमि का लगभग पांच प्रतिशत हिस्सा स्वेच्छा से वर्षा जल संचयन के लिए उपलब्ध करा सकते हैं।
🟠खेत का पानी खेत में रोकने पर भू-जल को मिलेगा फायदा
कलेक्टर ने समझाया,कि बारिश का पानी यदि खेत से बहकर बाहर निकलने के बजाय वहीं रोक लिया जाए तो वह धीरे-धीरे जमीन में समा सकता हैं। इससे भू-जल स्तर को बढ़ाने और भविष्य में सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर करने में मदद मिलती हैं।उन्होंने ग्रामीणों से जल संरक्षण के कार्यों में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा,कि पानी जितनी देर तक एक स्थान पर रुकेगा, उतना ही अधिक जमीन के भीतर जाएगा। यही जल संरक्षण का मूल उद्देश्य हैं।
🟠जनप्रतिनिधियों ने भी ग्रामीणों से की अपील
जनपद पंचायत अध्यक्ष मुंद्रिका सिंह ने कहा,कि सेवा सेतु शिविर ग्रामीणों को शासन की योजनाओं से जोड़ने की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह के प्रयासों से क्षेत्र को सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।जिला पंचायत सदस्य मुंशीराम सांडिल्य ने ग्रामीणों से अपील की,कि शिविर में मिली योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी अपने परिवार और आसपास के लोगों तक भी पहुंचाएं, ताकि कोई पात्र व्यक्ति सरकारी योजना के लाभ से वंचित न रहे।
🟠बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
कार्यक्रम में जनपद पंचायत सीईओ रणवीर साय सहित जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ उनके आवेदन और समस्याओं पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई की गई।












