सड़क हादसे में घायल हुए तो इलाज की चिंता नहीं, 1.50 लाख तक मिलेगा मुफ्त उपचार

न्यूज डेस्क,सारंगढ़,छत्तीसगढ़,6अक्टूबर2026

सड़क दुर्घटना अचानक होती हैं,और ऐसे समय में घायल व्यक्ति के लिए सबसे जरूरी होता हैं,कि उसे बिना देरी के बेहतर चिकित्सा सुविधा मिले। कई बार इलाज का खर्च भी पीड़ित परिवार के सामने बड़ी चुनौती बन जाता हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए,पीएम राहत योजना के माध्यम से पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को आर्थिक राहत के साथ निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई हैं।सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में अब इस योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र दुर्घटना पीड़ितों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा हैं। इसे लेकर कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के अधिकारियों तथा निजी अस्पतालों के, प्रतिनिधियों की बैठक लेकर योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की।

🟠1.50 लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया,कि पीएम राहत योजना 13 फरवरी 2026 से लागू हैं। योजना के तहत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को अधिकतम 1 लाख 50 हजार रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने का प्रावधान हैं।योजना का उद्देश्य दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना हैं,ताकि इलाज के खर्च की चिंता के कारण उपचार में देरी न हो। खासतौर पर गंभीर दुर्घटनाओं में शुरुआती उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता हैं।

🟠तीन महीने में 566 सड़क हादसा पीड़ित अस्पताल पहुंचे

जिले में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति को देखते हुए योजना की उपयोगिता भी महत्वपूर्ण हो जाती हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जून से अगस्त 2026 के बीच सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े 566 मरीजों को जिला अस्पताल सहित अन्य शासकीय अस्पतालों में भर्ती कर उपचार दिया गया।इन आंकड़ों को देखते हुए प्रशासन का जोर अब यह सुनिश्चित करने पर हैं,कि अस्पताल पहुंचने वाले पात्र दुर्घटना पीड़ितों को योजना की जानकारी मिले और पात्रता पूरी होने पर उन्हें समय पर इसका लाभ भी मिले।

🟠जानकारी के अभाव में कोई पात्र व्यक्ति न छूटे

कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने स्पष्ट निर्देश दिए,कि जानकारी के अभाव में कोई भी पात्र दुर्घटना पीड़ित योजना के लाभ से वंचित नहीं होना चाहिए। इसके लिए स्वास्थ्य और पुलिस विभाग को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा गया।अस्पताल में घायल व्यक्ति के पहुंचने के बाद चिकित्सा सुविधा के साथ योजना से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया को भी समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया। निजी अस्पतालों को भी योजना के क्रियान्वयन में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।

🟠अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों पर लगेंगे सूचना बोर्ड

योजना का लाभ केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रहे, इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया हैं। कलेक्टर ने अस्पतालों और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर पीएम राहत योजना से संबंधित जानकारी प्रदर्शित करने, के निर्देश दिए।इसके अलावा पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले के माध्यम से आम लोगों को योजना के बारे में जागरूक करने की बात कही गई। इससे दुर्घटना की स्थिति में पीड़ित और उसके परिजन समय रहते उपलब्ध सरकारी सहायता की जानकारी हासिल कर सकेंगे।

🟠दुर्घटना के बाद तत्काल उपचार को प्राथमिकता

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया,कि सड़क हादसे के मामलों में सबसे पहली प्राथमिकता घायल को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना हैं। इसके बाद पात्रता के अनुसार योजना की प्रक्रिया पूरी की जानी हैं।कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय समन्वय में, किसी तरह की कमी के कारण दुर्घटना पीड़ित के इलाज या योजना का लाभ मिलने में देरी नहीं होनी चाहिए।

🟠बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में सीएमएचओ डॉ. पुष्पेंद्र कुमार वैष्णव, डिप्टी कलेक्टर वर्षा बंसल, आयुष्मान भारत के जिला समन्वयक रोशन सचदेवा सहित पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।प्रशासन का लक्ष्य हैं, कि सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को पहले समय पर इलाज मिले और पात्र होने की स्थिति में उपचार के आर्थिक बोझ से भी राहत मिल सके। इसके लिए योजना की जानकारी को आम लोगों तक पहुंचाने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय को महत्वपूर्ण माना जा रहा हैं।

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