न्यूज डेस्क,राउरकेला,उड़ीसा,6अक्टूबर2026
फर्जी जीएसटी बिलिंग, कथित अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट और ओवरलोड वाहनों से जुड़े मामलों को,लेकर राउरकेला के ट्रांसपोर्टरों ने विभाग के सामने अपनी चिंताएं रखी हैं। राउरकेला गुड्स ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सिटी एंड जीएसटी (इनफोर्समेंट) कार्यालय पहुंचकर वरीय अधिकारी मानस दास से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े जमीनी स्तर के मुद्दों पर चर्चा करते हुए,संदिग्ध और नियम विरुद्ध गतिविधियों के खिलाफ विभागीय जांच और कार्रवाई तेज करने की मांग की।
🟠फर्जी बिलिंग से वास्तविक ट्रांसपोर्टरों को परेशानी का आरोप
बैठक के दौरान एसोसिएशन ने कहा,कि कुछ मामलों में फर्जी बिलों और कथित गलत जीएसटी लेन-देन के जरिए कारोबार किए जाने का असर उन ट्रांसपोर्टरों और वाहन मालिकों पर भी पड़ता हैं,जिनका ऐसे लेन-देन से सीधा संबंध नहीं होता।प्रतिनिधिमंडल ने विभाग के सामने यह चिंता रखी कि किसी अन्य कारोबारी की संदिग्ध गतिविधि के कारण वास्तविक ट्रांसपोर्टर को भी जांच, नोटिस और वित्तीय दायित्वों जैसी प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ सकता हैं। इससे नियमित रूप से दस्तावेज और कानूनी प्रक्रिया का पालन कर कारोबार करने वाले लोगों पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की बात कही गई।
🟠‘ट्वेंटी ट्वेंटी ट्रिप’ और बंद लिफाफे में बिल का मुद्दा
बैठक में ‘ट्वेंटी ट्वेंटी ट्रिप’, फर्जी जीएसटी इनपुट, ओवरलोड वाहनों और बंद लिफाफे में बिलों के कथित इस्तेमाल जैसे मुद्दे भी उठाए गए। एसोसिएशन ने इन गतिविधियों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की।ट्रांसपोर्टरों का कहना हैं,कि यदि किसी नेटवर्क के माध्यम से गलत बिलिंग या टैक्स संबंधी अनियमितता की जा रही हैं,तो इसकी जांच केवल एक वाहन या एक ट्रांसपोर्टर तक सीमित न रहकर संबंधित लेन-देन और कारोबारी नेटवर्क के स्तर पर की जानी चाहिए।
🟠‘करता कोई हैं,भरता कोई हैं’ जैसी स्थिति की चिंता
एसोसिएशन ने बैठक में कहा कि कई मामलों में स्थिति ‘करता कोई हैं और भरता कोई हैं’ जैसी बन जाती हैं। उनका कहना हैं,कि फर्जीवाड़ा करने वाले तत्वों की गतिविधियों का खामियाजा वास्तविक ट्रांसपोर्टरों और वाहन मालिकों को भुगतना पड़ सकता हैं।प्रतिनिधिमंडल ने मांग की,कि जांच के दौरान वास्तविक कारोबार करने वाले ट्रांसपोर्टरों और संदिग्ध लेन-देन में शामिल लोगों के बीच स्पष्ट अंतर किया जाए। इससे एक ओर विभाग को वास्तविक संदिग्ध नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर नियमों का पालन करने वाले व्यवसायियों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा।
🟠संदिग्ध GST नेटवर्क की गहन जांच की मांग
एसोसिएशन ने विभाग से उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर संदिग्ध बिलिंग नेटवर्क, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट और उससे जुड़े कारोबारियों की गहन जांच करने का आग्रह किया। साथ ही दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई।प्रतिनिधिमंडल का कहना हैं,कि जीएसटी व्यवस्था में दस्तावेजी पारदर्शिता और वास्तविक कारोबार की पहचान महत्वपूर्ण हैं। इसलिए फर्जी बिलिंग के मामलों में संबंधित कारोबार, बिलों और लेन-देन की कड़ियों की जांच कर वास्तविक जिम्मेदार लोगों तक पहुंचने की जरूरत हैं।
🟠GST अधिकारी ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद वरीय अधिकारी मानस दास ने,नियमानुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे मामलों पर नजर रखे हुए हैं,और उपलब्ध तथ्यों एवं सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।अब ट्रांसपोर्टरों की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली सूचनाओं और विभागीय स्तर पर होने वाली जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
🟠प्रतिनिधिमंडल में ये सदस्य रहे मौजूद
बैठक में राउरकेला गुड्स ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन
🔸️डॉ. राजकुमार यादव — अध्यक्ष
🔸️मानस महंती — महासचिव
🔸️शंकर लाल शर्मा — उपाध्यक्ष
🔸️संजीत सिन्हा — वरिष्ठ सदस्य
🔸️गौतम राय (बबलू) — सदस्य
🔸️जगन्नाथ पंडा — सदस्य सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।












