न्यूज डेस्क,अंबिकापुर,छत्तीसगढ़,12अक्टूबर2026
सरगुजा जिले के अंबिकापुर में महाराजा अग्रसेन जयंती महोत्सव का समापन भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। शोभायात्रा में अग्रवाल समाज के हजारों लोगों ने, उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे शहर में धार्मिक उल्लास और उत्सव का माहौल देखने को मिला। 11 सितंबर से 11 अक्टूबर तक चले 30 दिवसीय महोत्सव के दौरान धार्मिक,सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े 90 कार्यक्रम आयोजित किए गए। समापन अवसर पर महाराजा अग्रसेन के आदर्शों को याद करते हुए,समाज में एकता, सहयोग और जरूरतमंदों की सहायता का संदेश दिया गया।महोत्सव के दौरान आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में समाज की सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने और सामाजिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। भव्य शोभायात्रा के साथ महीनेभर चले आयोजनों का समापन हुआ। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने आयोजन के प्रति समाज के उत्साह को प्रदर्शित किया।
🟠महाराजा अग्रसेन के सिद्धांत पर चलने का आह्वान
समापन समारोह में सरगुजा अग्रवाल सभा के अध्यक्ष संजय मित्तल ने समाज के लोगों को महाराजा अग्रसेन के, ऐतिहासिक ‘एक रुपया और एक ईंट’ के सिद्धांत की याद दिलाई। उन्होंने कहा,कि समाज के सक्षम लोगों को जरूरतमंद परिवारों के उत्थान के लिए आगे आना चाहिए, ताकि आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर लोगों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।‘एक रुपया और एक ईंट’ का सिद्धांत सामूहिक सहयोग और परस्पर सहायता की भावना का प्रतीक माना जाता हैं। इसके माध्यम से समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सहयोग देने और जरूरतमंदों को आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा मिलती हैं।संजय मित्तल ने समाज के लोगों से महाराजा अग्रसेन के आदर्शों को केवल आयोजनों तक सीमित न रखकर अपने व्यवहार और सामाजिक कार्यों में भी अपनाने का आह्वान किया।
🟠30 दिनों में आयोजित हुए 90 धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम
महाराजा अग्रसेन जयंती महोत्सव की शुरुआत 11 सितंबर को हुई थी,जिसका समापन 11 अक्टूबर को किया गया। इस दौरान कुल 90 धार्मिक, सांस्कृतिक और सेवा संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों के माध्यम से समाज की परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और जनसेवा की भावना को बढ़ावा दिया गया।महीनेभर चले कार्यक्रमों ने समाज के लोगों को एक मंच पर जोड़ने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का अवसर दिया। महोत्सव का समापन समारोह इसी सामूहिक सहभागिता और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बना।
🟠सेवा कार्यों के माध्यम से जरूरतमंदों की मदद
अग्रवाल समाज की गतिविधियां धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ-साथ सामाजिक सेवा से भी जुड़ी हैं। समाज की ओर से अस्पतालों और शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए सेवा प्रकल्प संचालित किए जा रहे हैं।महोत्सव के दौरान भी सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को प्रमुखता दी गई। समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने जरूरतमंदों की मदद करने और सामूहिक प्रयासों से सामाजिक विकास को गति देने के महत्व पर जोर दिया।अग्रवाल सभा के वरिष्ठ सदस्य बाबूलाल अग्रवाल ने भी सामाजिक सहभागिता और सेवा कार्यों के महत्व को रेखांकित किया।
🟠शोभायात्रा के दौरान पुलिस और यातायात विभाग रहा मुस्तैद
शोभायात्रा में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी को देखते हुए सरगुजा पुलिस और यातायात विभाग ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था संभाली। शहर के प्रमुख चौराहों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार यातायात प्रबंधन और रूट डायवर्जन की व्यवस्था की गई।बड़े सार्वजनिक आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण होता हैं। पुलिस एवं यातायात अमले की सतर्कता का उद्देश्य शोभायात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के साथ आम नागरिकों की आवाजाही को सुचारू बनाए रखना रहा।
🟠सामाजिक एकता और सहयोग का संदेश
महाराजा अग्रसेन जयंती महोत्सव का समापन केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने सामाजिक एकता, सेवा और सामूहिक सहयोग का संदेश भी दिया। 30 दिनों तक चले 90 कार्यक्रमों के माध्यम से समाज की सांस्कृतिक विरासत और जनसेवा की भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया।अंबिकापुर में भव्य शोभायात्रा के साथ संपन्न हुए इस महोत्सव ने महाराजा अग्रसेन के आदर्शों को अपनाने और जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आने का संदेश दिया। आयोजन के माध्यम से समाज में परस्पर सहयोग, सामाजिक समरसता और सामूहिक जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित किया गया।












