संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,14अक्टूबर2026
छत्तीसगढ़ के युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की हैं। प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (PM-SETU) योजना के तहत प्रदेश के 30 शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) का आधुनिकीकरण प्रस्तावित हैं। इसके लिए छह क्लस्टरों में पांच वर्षों के दौरान लगभग 1,446 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित किया गया हैं।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में,मंत्रालय महानदी भवन में दुर्ग और बस्तर क्लस्टर के लिए क्रमश भिलाई स्टील प्लांट (BSP) और एनएमडीसी लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (MOU) संपन्न हुआ। इन औद्योगिक संस्थानों की भागीदारी से युवाओं के प्रशिक्षण को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने और उन्हें रोजगार के लिए आवश्यक तकनीकी कौशल प्रदान करने पर जोर दिया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता हैं। कौशल विकास को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़कर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई गति दी जा सकती हैं।
🟠₹1,446 करोड़ के निवेश से छह क्लस्टरों में होगा ITI का आधुनिकीकरण
PM-SETU योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में दुर्ग, कोरबा, सरगुजा, बस्तर, रायगढ़ और रायपुर सहित छह क्लस्टर चयनित किए गए हैं। इन क्लस्टरों में छह हब आईटीआई और 24 स्पोक आईटीआई को विकसित करने की योजना हैं। इस प्रकार कुल 30 शासकीय आईटीआई को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण केंद्रों के रूप में उन्नत किया जाना प्रस्तावित हैं।योजना के तहत पांच वर्षों में लगभग 1,446 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। प्रत्येक क्लस्टर के लिए लगभग 241 करोड़ रुपये का प्रावधान बताया गया हैं। इसमें हब आईटीआई के लिए 81 करोड़ रुपये और प्रत्येक स्पोक आईटीआई के लिए 40 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित हैं।योजना के अनुसार वित्तीय सहभागिता में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत, राज्य सरकार की 33 प्रतिशत और संबंधित उद्योग भागीदार की 17 प्रतिशत निर्धारित हैं।इस निवेश के माध्यम से आईटीआई में आधुनिक मशीनें, तकनीकी उपकरण, प्रयोगशालाएं और प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित करने की योजना हैं। इसका उद्देश्य युवाओं को ऐसा व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना हैं,जो उद्योगों में इस्तेमाल होने वाली तकनीक और कार्यप्रणाली के अनुरूप हो।
🟠दुर्ग क्लस्टर में भिलाई स्टील प्लांट बनेगा उद्योग भागीदार
दुर्ग क्लस्टर के लिए स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की इकाई भिलाई स्टील प्लांट को एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में शामिल किया गया हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में इस संबंध में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।इस क्लस्टर में शासकीय आईटीआई दुर्ग को हब आईटीआई के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव हैं। वहीं शासकीय आईटीआई भिलाई, महिला आईटीआई भिलाई, राजनांदगांव और डौंडीलोहारा को स्पोक आईटीआई के रूप में शामिल किया गया हैं।भिलाई स्टील प्लांट की औद्योगिक विशेषज्ञता और अनुभव का लाभ प्रशिक्षण व्यवस्था को मिलेगा। उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण विकसित होने से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, मशीनों और औद्योगिक कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी।इस पहल से तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक क्षेत्र के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
🟠बस्तर के युवाओं के लिए आधुनिक कौशल प्रशिक्षण की पहल
बस्तर क्लस्टर के लिए एनएमडीसी लिमिटेड को एंकर इंडस्ट्री पार्टनर बनाया गया हैं। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में एनएमडीसी के साथ भी समझौता ज्ञापन संपन्न हुआ।इस क्लस्टर में शासकीय आईटीआई बस्तर को हब आईटीआई के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव हैं। इसके साथ जगदलपुर, गीदम, कोंडागांव और नारायणपुर के शासकीय आईटीआई को स्पोक आईटीआई के रूप में शामिल किया गया हैं।मुख्यमंत्री ने कहा,कि बस्तर जैसे जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण पहुंचाना महत्वपूर्ण हैं। एनएमडीसी जैसे औद्योगिक संस्थान की सहभागिता से स्थानीय युवाओं को आधुनिक औद्योगिक कौशल से जोड़ने में मदद मिलेगी।इससे युवाओं को अपने कौशल के अनुरूप रोजगार के, अवसरों का लाभ उठाने और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए बेहतर आधार मिल सकता हैं।
🟠सरगुजा और कोरबा में भी उद्योगों की भागीदारी की तैयारी
सरगुजा क्लस्टर के लिए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में, भागीदारी की सहमति दी हैं। इस क्लस्टर के लिए टाटा IIS का चयन ऑपरेटिंग पार्टनर के रूप में किया गया हैं। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर की स्वीकृति से संबंधित प्रक्रिया विभाग में जारी है और एमओयू के प्रारूप में आवश्यक संशोधन के लिए उसे SECL को भेजा गया हैं।इसी प्रकार कोरबा क्लस्टर के लिए NTPC कोरबा ने एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में सहभागिता की सहमति दी हैं। यहां ऑपरेटिंग पार्टनर के चयन की प्रक्रिया अभी जारी हैं।रायपुर और रायगढ़ क्लस्टर के लिए भी एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के चयन की प्रक्रिया चल रही हैं। इसके लिए राज्य के ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के माध्यम से निविदाएं जारी की गई हैं। रायपुर क्लस्टर के संबंध में हीरा ग्रुप से प्राप्त प्रश्नों का निराकरण किया जा चुका हैं,जबकि रायगढ़ क्लस्टर के लिए NTPC लारा से सहभागिता और क्रियान्वयन को लेकर प्रारंभिक चर्चा की जा रही हैं।
🟠हब-स्पोक मॉडल से प्रशिक्षण सुविधाओं का होगा विस्तार
PM-SETU योजना में हब और स्पोक मॉडल के माध्यम से आईटीआई के बीच तकनीकी संसाधनों, आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञता का बेहतर उपयोग करने की योजना हैं।हब आईटीआई को उन्नत प्रशिक्षण सुविधाओं वाले प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उनसे जुड़े स्पोक आईटीआई भी उपलब्ध संसाधनों और विशेषज्ञता का लाभ उठा सकेंगे। इससे अलग-अलग क्षेत्रों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण पहुंचाने में मदद मिल सकती हैं।उद्योगों की भागीदारी से प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को बदलती तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने, प्रशिक्षकों के कौशल उन्नयन और विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जाएगा।
🟠कौशल विकास से रोजगार और स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा,कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश और नई आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन की मांग भी बढ़ रही हैं। राज्य सरकार का प्रयास हैं,कि उद्योगों को आवश्यकतानुसार दक्ष कर्मचारी मिलें और छत्तीसगढ़ के युवाओं को अपने ही प्रदेश में बेहतर अवसर प्राप्त हों।उन्होंने कहा,कि युवाओं को केवल नौकरी तलाशने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें अपने कौशल, तकनीकी ज्ञान और नवाचार के माध्यम से रोजगार सृजित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।रोजगार, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने PM-SETU योजना को युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा,कि आईटीआई के आधुनिकीकरण और उद्योगों की प्रत्यक्ष भागीदारी से रोजगारपरक प्रशिक्षण को मजबूती मिलेगी तथा युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर विकसित करने में मदद मिलेगी।इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव बसव राजू, संचालक हेमंत नंदनवार, एनएमडीसी के कार्यपालक निदेशक संजीव साही, SAIL के पवन कुमार सहित संबंधित विभागों और औद्योगिक संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।












