संदिली सिंह,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,10फरवरी 2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
वित्तीय वर्ष 2014-15 में जनपद पंचायत वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम पंचायतों में मुरम मिट्टी,सड़क एवं अन्य निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी बिल और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर करीब 30 लाख रुपये से, अधिक की शासकीय राशि के गबन के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए,वर्षों से फरार आरोपी तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया हैं।
पुलिस चौकी वाड्रफनगर, थाना बसंतपुर, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 50/2020 (धारा 467, 468, 409, 420, 34 भादंवि) के तहत आरोपी श्रवण कुमार मरकाम उर्फ एस.के. मरकाम, पिता स्व. बिकाऊ राम मरकाम, उम्र 62 वर्ष, निवासी शिव मंदिर महुआपारा, वार्ड क्रमांक 04, थाना गांधीनगर, अंबिकापुर — तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत वाड्रफनगर — को गिरफ्तार किया गया।
🟠फर्जी निर्माण कार्यों के नाम पर हुआ गबन
प्रकरण में जांच के दौरान सामने आया कि ग्राम पंचायत तुगंवा, गुडरू, जमई एवं पेण्डारी में मुरम मिट्टी, सड़क सह पुलिया, तटबंध एवं डब्ल्यूबीएम निर्माण के नाम पर फर्जी बिल लगाकर शासकीय राशि की हेराफेरी की गई। इस संबंध में जनपद पंचायत वाड्रफनगर द्वारा वर्ष 2020 में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने पर प्रकरण दर्ज किया गया था।
🟠पहले ही हो चुकी हैं,अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी
विवेचना के दौरान प्रकरण में पहले ही कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा) अश्विनी कुमार तिवारी, सप्लायर हरिहर यादव, कुजलाल साहू तथा रोजगार सहायक गिरीश यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका हैं। मामले में धारा 164 के तहत कथन दर्ज कराकर आरोपियों के विरुद्ध पूरक चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया हैं।
🟠आरोपी ने गबन स्वीकार किया
विवेचना के दौरान आरोपी अश्विनी कुमार तिवारी ने, अपने कथन में बताया कि उसने तत्कालीन सीईओ एस.के. मरकाम एवं अन्य के साथ मिलकर 30,02,449 रुपये की शासकीय राशि का गबन किया। इसके आधार पर फरार चल रहे,श्रवण कुमार मरकाम को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां उसने अपराध स्वीकार किया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।पुलिस द्वारा मामले में अन्य फरार आरोपियों की लगातार पतासाजी की जा रही हैं।












