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सीड बॉल अभियान से हरित जशपुर की नई पहल : 80 हजार सीड बॉल तैयार, प्रकृति संरक्षण में जुटे ग्रामीण

संदिली सिंह,जशपुर,छत्तीसगढ़,8जून2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis Newsजशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड में पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से एक अभिनव अभियान शुरू किया गया हैं। आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर सीड बॉल (बीज गेंद) तैयार किए जा रहे हैं। इस अभियान में ग्रामीणों, युवाओं और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही हैं।अभियान के तहत अब तक लगभग 80 हजार सीड बॉल तैयार किए जा चुके हैं, जिन्हें वर्षा ऋतु के दौरान बंजर भूमि, पहाड़ी क्षेत्रों और वन क्षेत्र में वितरित किया जाएगा, ताकि प्राकृतिक रूप से हरियाली का विस्तार हो सके।

🟠कम लागत में वनीकरण का प्रभावी माध्यम

सीड बॉल मिट्टी, गोबर खाद और स्थानीय वृक्ष प्रजातियों के बीजों से तैयार की जाती हैं। बारिश होने पर ये बीज स्वतः अंकुरित होकर पौधों में विकसित हो जाते हैं। यह तकनीक कम लागत में बड़े क्षेत्र में वनीकरण करने का प्रभावी और पर्यावरण अनुकूल तरीका मानी जाती हैं।इस अभियान में आम, जामुन, करंज, नीम और इमली जैसी स्थानीय प्रजातियों के बीजों का उपयोग किया जा रहा हैं, जिससे क्षेत्र की जैव विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा।

🟠महिलाओं और ग्रामीणों की सराहनीय भागीदारी

स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सीड बॉल निर्माण में हिस्सा लिया। उनका मानना हैं,कि यह प्रकृति संरक्षण का सरल, सामुदायिक और टिकाऊ प्रयास हैं,जो आने वाले वर्षों में जशपुर को और अधिक हरित बनाने में मदद करेगा।

🟠हरित और समृद्ध जशपुर का लक्ष्य

जनपद पंचायत दुलदुला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल पौधे उगाना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करना भी हैं।वहीं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार ने जिलेवासियों से इस अभियान में अधिक से अधिक जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही हरित, समृद्ध और खुशहाल जशपुर का निर्माण संभव हैं।

🟠पर्यावरण संरक्षण को मिला जनआंदोलन का स्वरूप

इस अभियान में स्थानीय ग्रामीणों, युवाओं, स्वयं सहायता समूहों, हर्षा ट्रस्ट तथा बिहान परियोजना से जुड़े कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी रही। इससे अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा हैं,और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप मिलता दिखाई दे रहा हैं।

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