अर्पित तिवारी,रामानुजगंज,छत्तीसगढ़,12जून 2026
पशुओं के प्रति क्रूरता और अवैध परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे,अभियान के तहत शंकरगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली हैं। पुलिस ने वध के लिए झारखंड ले जाए जा रहे दो बैलों को मुक्त कराते हुए,तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं। मामले में प्रयुक्त वाहन को भी जब्त कर लिया गया हैं।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम बरपतरापारा (जनकडीह) क्षेत्र में देर रात सूचना प्राप्त हुई थी,कि कुछ लोग एक बंद वाहन में मवेशियों को भरकर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर वाहन की जांच की।
जांच के दौरान पुलिस ने पाया,कि दो बैलों के चारों पैर प्लास्टिक की रस्सियों से कसकर बांधे गए थे और उन्हें वाहन में अमानवीय तरीके से ठूंसकर रखा गया था। पशुओं की हालत को देखते हुए पुलिस ने तत्काल उन्हें वाहन से बाहर निकालकर सुरक्षित कराया तथा रस्सियां काटकर मुक्त किया।प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ,कि आरोपियों द्वारा बैलों को अवैध रूप से झारखंड ले जाया जा रहा था, जहां उन्हें वध के लिए बेचने की आशंका जताई गई है। पुलिस ने मौके से लगभग 20 हजार रुपये मूल्य के दो बैल और परिवहन में प्रयुक्त सिल्वर रंग के टाटा सूमो वाहन को जब्त कर लिया।
मामले में पुलिस ने फिरन्तु नायक (40 वर्ष), पनसाय नायक (52 वर्ष) और विजय नायक (30 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ एवं प्रारंभिक जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।शंकरगढ़ थाना में आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 71/2026 दर्ज कर छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)(घ) के तहत कार्रवाई की जा रही हैं।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पशु तस्करी और पशुओं के प्रति क्रूरता जैसे अपराधों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।












